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खुले मवेशियों पर ग्रामसभा सख्त, 15 जून के बाद जुर्माना, किसानों की फसल बचाने को बड़ा फैसला

रिपोर्ट: अकरम 37 दिन पहलेझारखण्ड

पशु तस्करी पर भी लगेगी लगाम, कुटमू में मवेशियों की निगरानी बढ़ाने का निर्णय, ग्रामीणों ने बनाई रणनीति

खुले मवेशियों पर ग्रामसभा सख्त, 15 जून के बाद जुर्माना, किसानों की फसल बचाने को बड़ा फैसला

बरवाडीह, लातेहार : बरवाडीह प्रखंड के बेतला पंचायत अंतर्गत कुटमू गांव में शुक्रवार को आयोजित ग्रामसभा में खेती-बारी की सुरक्षा, कृषि उत्पादन बढ़ाने तथा मवेशियों की निगरानी को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। ग्राम प्रधान रामचलितर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मुखिया मंजू देवी, उप मुखिया बसंती देवी, पूर्व मुखिया संजय सिंह, पंचायत प्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति में सर्वसम्मति से तय किया गया कि 15 जून के बाद गांव में किसी भी पशुपालक द्वारा मवेशियों को खुले में छोड़ने पर जुर्माना लगाया जाएगा। ग्रामसभा में ग्रामीणों ने कहा कि गेहूं की फसल कटने के बाद कई पशुपालक अपने मवेशियों को खुला छोड़ देते हैं जिससे किसानों की सब्जियों और अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचता है। खेती पर निर्भर परिवारों को आर्थिक क्षति झेलनी पड़ती है। अधिकांश किसान खेतों की घेराबंदी कराने में सक्षम नहीं हैं इसलिए खुले मवेशी उनके लिए बड़ी समस्या बन चुके हैं। बैठक में यह भी चिंता जताई गई कि खुले घूमने वाले मवेशियों की सही निगरानी नहीं होने से उनकी चोरी और अवैध खरीद-बिक्री की आशंका भी बनी रहती है। ग्रामीणों का मानना है कि पशुओं को व्यवस्थित रूप से बांधकर रखने और उनका रिकॉर्ड रखने से पशु चोरी तथा संभावित पशु तस्करी जैसी गतिविधियों पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। कई मामलों में खुले घूमने वाले मवेशी असामाजिक तत्वों के निशाने पर आ जाते हैं जिससे पशुपालकों को नुकसान उठाना पड़ता है। मुखिया मंजू देवी ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि 15 जून तक सभी पशुपालक अपने मवेशियों को बांधकर रखने की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें। उन्होंने कहा कि यह निर्णय किसानों के हित, कृषि विकास और पशुधन की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। ग्रामसभा ने स्पष्ट किया कि 15 जून से नियम लागू होने के बाद खुले में मवेशी छोड़ने वालों पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा और आवश्यक सामुदायिक कार्रवाई भी की जाएगी। ग्रामीणों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए गांव को कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में अधिक व्यवस्थित बनाने का संकल्प लिया।

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