भीषण गर्मी में बूंद-बूंद को तरसे लोग, डिप्टी मेयर की कंपनी पर नगर निगम के पानी के दुरुपयोग का आरोप
सरकारी जलापूर्ति से निजी सोसायटी तक पानी सप्लाई पर उठे सवाल, स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी

आदित्यपुर : भीषण गर्मी और पेयजल संकट के बीच आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में जलापूर्ति को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि जहां एक ओर आम नागरिक पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं वहीं दूसरी ओर आरआईटी स्थित चावला मोड़ के समीप नगर निगम की पाइपलाइन जलापूर्ति व्यवस्था से निजी टैंकरों के माध्यम से एक निजी आवासीय सोसायटी तक पानी पहुंचाया जा रहा है। इस मामले में नगर निगम के वर्तमान डिप्टी मेयर अंकुर सिंह और उनके परिवार की निजी कंपनी नवनिर्माण बिल्डर (NNB) पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के कई वार्डों में पिछले कई दिनों से नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। कई मोहल्लों में लोगों को सुबह से लेकर देर रात तक पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। महिलाएं और बच्चे बर्तनों के साथ पानी की तलाश में इधर-उधर घूमने को मजबूर हैं। ऐसे हालात में नगर निगम की जलापूर्ति व्यवस्था से निजी टैंकरों द्वारा एक निजी सोसायटी में पानी पहुंचाए जाने की खबर ने लोगों की नाराजगी और बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार आरआईटी के चावला मोड़ स्थित पानी टंकी से नवनिर्माण बिल्डर के लगभग 8000 लीटर और 12000 लीटर क्षमता वाले दो टैंकर दिनभर में करीब पांच-पांच ट्रिप पानी ढोते हैं। बताया जा रहा है कि यह पानी नवनिर्माण बिल्डर द्वारा निर्मित भगवती एन्क्लेव सोसायटी के सैकड़ों घरों तक पहुंचाया जाता है। नगर निगम के टैंकर चालक गणेश महाली ने भी इस संबंध में जानकारी दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी आम नागरिकों को पेयजल उपलब्ध कराना है तब सरकारी जल स्रोतों का उपयोग निजी परियोजनाओं के लिए कैसे किया जा सकता है। लोगों ने सवाल उठाया कि यदि निजी बिल्डर अपनी सोसायटी के लिए नगर निगम की जलापूर्ति व्यवस्था पर निर्भर हैं तो इसके लिए क्या कोई आधिकारिक अनुमति ली गई है। यदि अनुमति है तो उसकी शर्तें क्या हैं और बदले में निगम को कितना शुल्क दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि डिप्टी मेयर जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति से निष्पक्षता और पारदर्शिता की अपेक्षा की जाती है। लेकिन वर्तमान स्थिति हितों के टकराव (Conflict of Interest) जैसी गंभीर आशंकाओं को जन्म दे रही है। स्थानीय नागरिकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नगर निगम की जलापूर्ति व्यवस्था का प्राथमिकता के आधार पर आम जनता के हित में उपयोग सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि भीषण गर्मी में पेयजल संकट का समाधान नहीं हुआ और जलापूर्ति में कथित भेदभाव जारी रहा तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। फिलहाल पूरे मामले को लेकर नगर निगम प्रशासन और डिप्टी मेयर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है लेकिन क्षेत्र में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है।