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अमड़ापाड़ा में आस्था का भव्य महल तैयार, 35 लाख की लागत से सजेगा मां दुर्गा का दरबार

रिपोर्ट: VBN News Desk13 घंटे पहलेझारखण्ड

चंदननगर की जगमगाती रोशनी, कोलकाता के फूलों की सजावट और वाराणसी की गंगा आरती बढ़ाएगी पूजा की भव्यता

अमड़ापाड़ा में आस्था का भव्य महल तैयार, 35 लाख की लागत से सजेगा मां दुर्गा का दरबार

By Ajay Kumar अमड़ापाड़ा (पाकुड़)। शारदीय नवरात्र को लेकर अमड़ापाड़ा में भक्ति, उत्साह और उल्लास का माहौल है। इस बार स्थानीय वैष्णवी दुर्गा मंदिर में आयोजित दुर्गा पूजा समारोह अपनी भव्यता और अनूठी सजावट को लेकर विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। करीब 35 लाख रुपये से अधिक के अनुमानित खर्च से आयोजित होने वाले पूजा समारोह में श्रद्धालुओं को पांच मंजिला महलनुमा पंडाल, आकर्षक विद्युत सज्जा और भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। अमड़ापाड़ा बाजार में तैयार किया गया विशाल पूजा पंडाल लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, शुक्रवार को शारदीय नवरात्र के छठे दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। वाराणसी एवं प्रयागराज से आए आचार्य सुनील मिश्र और नागेश मिश्र द्वारा धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं।

पांच मंजिला महलनुमा पंडाल में एक साथ बैठ सकेंगे 2500 श्रद्धालु

सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष संजीव कुमार उर्फ बबलू भगत ने बताया कि इस वर्ष पूजा को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। करीब 12,500 वर्गफीट क्षेत्र में पांच स्तर वाला विशाल महलनुमा पंडाल तैयार किया गया है। इसमें एक साथ लगभग 2500 श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की गई है। पंडाल निर्माण की जिम्मेदारी स्थानीय भगत डेकोरेटर्स को सौंपी गई है। इसके संचालक उत्तम भगत ने बताया कि पंडाल को राजमहल का स्वरूप दिया गया है। इसकी भव्य बनावट और आकर्षक सजावट श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित करेगी। अकेले पंडाल निर्माण पर 10 लाख रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। वहीं, पश्चिम बंगाल के मूर्तिकार राजकुमार सेन द्वारा तैयार की गई मां दुर्गा की करीब 15 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र होगी।

नौ विशाल लाइट गेट से जगमगाएगा बाजार, फूलों से महकेगा मंदिर परिसर

पूजा समिति ने इस बार अमड़ापाड़ा बाजार को रोशनी से जगमगाने की विशेष तैयारी की है। पश्चिम बंगाल के चंदननगर से आए कारीगरों द्वारा आकर्षक विद्युत सज्जा की गई है। बाजार क्षेत्र में नौ विशाल लाइट गेट बनाए गए हैं। सड़कों के किनारे रंग-बिरंगी लाइटें लगाई गई हैं, जबकि बड़े पेड़ों को भी आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। कोलकाता के कारीगरों द्वारा मंदिर परिसर और पंडाल को फूलों से सजाया जाएगा। करीब दो किलोमीटर के दायरे में ध्वनि विस्तारक यंत्रों की व्यवस्था की गई है। रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों की सजावट से पूरा बाजार क्षेत्र उत्सवी रंग में नजर आएगा।

महाष्टमी पर दिखेगा बनारस की गंगा आरती का नजारा

धार्मिक अनुष्ठानों के साथ श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी विशेष व्यवस्था की गई है। महाष्टमी के अवसर पर वाराणसी से आने वाली विशेष टीम द्वारा भव्य गंगा आरती प्रस्तुत की जाएगी। इसके अलावा नवमी और विजयादशमी पर डांडिया नृत्य का आयोजन होगा। कार्यक्रम में जॉकी प्लेयर शिवि, एंकर पायल भगत और कोलकाता के कृष्ण कन्हैया ग्रुप की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहेगी। नवमी एवं दशमी को दिन में धनबाद के आदित्य म्यूजिकल ग्रुप द्वारा भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी। वहीं, एकादशी पर जूनियर एवं सीनियर वर्ग के बच्चों के बीच नृत्य प्रतियोगिता आयोजित होगी। सभी प्रमुख कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण दो बड़े एलईडी स्क्रीन पर किया जाएगा।

पूजा के साथ मेले का आनंद, बच्चों के लिए विशेष इंतजाम

दुर्गा पूजा समारोह में आने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक वातावरण के साथ मेले का भी आनंद मिलेगा। मंदिर परिसर के आसपास मीना बाजार की दुकानें सजाई गई हैं। बच्चों के मनोरंजन के लिए तारामाची, ब्रेकडांस सहित विभिन्न प्रकार के झूलों की व्यवस्था की गई है। पूजा समिति का प्रयास है कि परिवार के साथ आने वाले श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं मेले का भी आनंद उठा सकें।

16 सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी, 158 सदस्य संभालेंगे व्यवस्था

पूजा समारोह में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मंदिर परिसर में 16 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य शिविर, खोया-पाया केंद्र, पेयजल, चाय-पानी के स्टॉल और वाहन पार्किंग की व्यवस्था की गई है। आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस और पानी के टैंकर की भी व्यवस्था रहेगी। पुलिस प्रशासन के लिए अलग बैठने का स्थान निर्धारित किया गया है। समिति अध्यक्ष बबलू भगत ने बताया कि पूजा की व्यवस्थाओं को संभालने के लिए 158 सदस्यीय टीम सक्रिय रहेगी। सभी सदस्यों को फोटोयुक्त पहचान पत्र दिया जाएगा, जिस पर उनका नाम और मोबाइल नंबर अंकित रहेगा। समिति के सदस्यों की सूची स्थानीय प्रशासन को भी उपलब्ध करा दी गई है।

सौ साल पुरानी परंपरा आज भी कायम, लक्खी पूजा के बाद होगा प्रतिमा विसर्जन

अमड़ापाड़ा की दुर्गा पूजा अपनी वर्षों पुरानी परंपरा के लिए भी विशेष पहचान रखती है। यहां विजयादशमी पर नगर भ्रमण के साथ कलश का विसर्जन स्थानीय बांसलोई नदी में किया जाएगा। हालांकि मां दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का विसर्जन विजयादशमी के दिन नहीं किया जाता है। एक सौ वर्षों से अधिक समय से चली आ रही परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी 25 अक्टूबर को लक्खी पूजा संपन्न होने के बाद 2 नवंबर को भव्य नगर भ्रमण के साथ प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। पूजा समिति इस ऐतिहासिक परंपरा को पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाने की तैयारी में जुटी है।

समिति अध्यक्ष संजीव कुमार उर्फ बबलू भगत ने बताया कि इस बार पूजा आयोजन को भव्यता के साथ-साथ सुरक्षा, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिकोण से भी विशेष बनाया जा रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में दुर्गा पूजा उत्सव का आनंद लेने और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की।

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