बड़कागांव:दहकते अंगारों पर नंगे पांव चलकर भक्तों ने दिया अटूट आस्था और विश्वास का परिचय
श्रद्धा, भक्ति, लोकसंस्कृति और परंपरा के इस अद्भुत संगम ने ऐसा समां बांधा कि रविवार देर रात से लेकर सोमवार सुबह तक हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजता रहा।
अजय कुमार
बड़कागांव- प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्र आँगों पंचायत के उरेज गांव में मंडा पूजा मेला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मेले में कई गांवों से हजारों महिलाएं पुरुष और बच्चे शामिल हुए। जंहा उन्हें धार्मिक अनुष्ठान, परंपरा, संस्कृति और सामुहिक आस्था का जीवंत उदाहरण देखने को मिला। इस अखंड आस्था, तपस्या और शिवभक्ति के महापर्व मंडा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय माहौल में रंग दिया।
श्रद्धा, भक्ति, लोकसंस्कृति और परंपरा के इस अद्भुत संगम ने ऐसा समां बांधा कि रविवार देर रात से लेकर सोमवार सुबह तक हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजता रहा।हजारों श्रद्धालुओं की भीड़, शिव-पार्वती की आराधना और लंगे पाव अंगारों पर चलने की कठिन तपस्या ने इस धार्मिक आयोजन को और भी अलौकिक बना दिया। बीती रात शिव मंदिर मंडा पूजा में वहीं सोमवार सुबह आस्था और कठिन तपस्या का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।जब सैकड़ों श्रद्धालुओं ने जलते अंगारों पर नंगे पांव चलकर भगवान शिव के प्रति अपनी अटूट आस्था, श्रद्धा और विश्वास का परिचय दिया। यह दृश्य देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे थे।
वहीं मुख्य अतिथि विधायक रोशन लाल चौधरी ने मंदिर में माथा टेक कर पूरे क्षेत्र की जनता के लिए सुख-शांति और समृद्धि की कामना किया।जिसके बाद विधायक ने मंडा पूजा समिति द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन फीता काट कर किया। विधायक रोशन लाल चौधरी ने कहा कि मंडा पूजा झारखंड की संस्कृति, आस्था और परंपरा का एक महत्वपूर्ण पर्व है। जिसमें भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए मनाया जाता है। झारखंड में यह पर्व बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ आयोजित किया जाता है। जो हमें भक्ति, तपस्या और साहस का संदेश देती है। जो भक्तों द्वारा भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था,श्रद्धा और विश्वास को दशार्ता है। पूजा के दौरान भक्त भगवान शिव से अच्छी वर्षा, अच्छी फसल, सुख शांति और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करते हैं। इसलिए, हमें इस महा लोक पर्व का सम्मान करना चाहिए।आगे कहा कि मंडा पूजा हमारी लोक संस्कृति, आस्था, तपस्या एवं सामाजिक एकता का प्रतीक है,जो समाज में भाईचारा, सद्भाव और सामूहिक सहयोग की भावना को सुदृढ़ करता है।ऐसे सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन हमारी गौरवशाली परंपराओं को संरक्षित रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं के साथ उत्साहपूर्वक सहभागिता कर सभी के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना किया।मौके पर विधायक रोशन लाल चौधरी,पूर्व प्रमुख प्रतिनिधि सह समाजसेवी कौलेश्वर गंझु,मुखिया नीलम मिंज, पंचायत समिति सदस्य संगीता कुमारी,श्याम ठाकुर,जागेश्वर गंझु, मुखिया प्रतिनिधि महेंद्र मांझी ,पंचायत समिति प्रतिनिधि मुनेश्वर गंझु, राजेन्द्र प्रसाद महतो, नागेश्वर तुरी सहित अन्य लोगों उपस्थित थे।