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सीसीएल के सीएसआर प्रयासों का दिखा असर: समावेशी विकास, सामाजिक सशक्तिकरण एवं सतत भविष्य की दिशा में बहुआयामी उपलब्धियाँ

रिपोर्ट: नूतन 3 घंटे पहलेझारखण्ड

स्वास्थ्य एवं पोषण: सेवा, संवेदना और समर्पण का संगम

सीसीएल के सीएसआर प्रयासों का दिखा असर: समावेशी विकास, सामाजिक सशक्तिकरण एवं सतत भविष्य की दिशा में बहुआयामी उपलब्धियाँ

सेंट्रल कोलफील्डस लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अपने कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के समग्र विकास, समावेशी प्रगति एवं सतत भविष्य निर्माण की दिशा में एक सशक्त, संवेदनशील एवं दूरदर्शी कदम उठाया है। कंपनी ने अपने कमांड क्षेत्रों के समुदायों को केंद्र में रखते हुए स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, आजीविका, कौशल विकास, खेल, पर्यावरण एवं पशु कल्याण जैसे विविध क्षेत्रों में योजनाबद्ध एवं प्रभावी पहलों की शुरुआत की हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव व्यापक स्तर पर परिलक्षित हो रहा है।

सीसीएल का यह प्रयास मात्र सांख्यिकीय उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन हजारों परिवारों के जीवन स्तर में हुए वास्तविक एवं सार्थक परिवर्तन की अभिव्यक्ति है, जिनके जीवन में इन पहलों ने नई आशा, अवसर और आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त किया है।

स्वास्थ्य एवं पोषण: सेवा, संवेदना और समर्पण का संगम

स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में सीसीएल की पहलें समाज के कमजोर वर्गों तक जीवनरक्षक सेवाएं पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनी हैं। रामगढ़ में बन रहा अत्याधुनिक केंद्रीकृत किचन सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं है, यह हर दिन 50,000 बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने का माध्यम बनने जा रहा है। अक्षय पात्र फाउंडेशन के सहयोग से ₹15.09 करोड़ की लागत से बन रही यह रसोई, जहां पौष्टिक भोजन तैयार होगा, जो कुपोषण के खिलाफ एक मजबूत हथियार बनेगी।

टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय अभियान में चतरा और लातेहार के दूरस्थ इलाकों में टीबी से जूझ रहे 5,140 मरीजों के लिए ‘निक्षय मित्र’ पहल एक सहारा बनकर उभरी है। ₹2.93 करोड़ की इस पहल ने इलाज के साथ-साथ पोषण और देखभाल की वह कड़ी जोड़ी है, जो अक्सर छूट जाती है। परियोजना के अंतर्गत अब तक भारत सरकार के निक्षय पोर्टल पर 3574 लाभार्थियों का आच्छादन एवं मैपिंग की गई है

‘नन्हा सा दिल’ परियोजना सीसीएल की संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है। श्री सत्य साई हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट के सहयोग से ₹9.54 करोड़ की लागत से पांच जिलों में 45,000 स्कूली बच्चों की जन्मजात हृदय रोग की जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 39,266 बच्चों की स्क्रीनिंग, 555 ईको जांच तथा 115 सफल सर्जरी की जा चुकी हैं। विशेष रूप से, इस योजना के अंतर्गत बच्चों एवं उनके परिजनों के यात्रा, उपचार एवं फॉलो-अप से संबंधित सभी व्यय वहन किए जा रहे हैं, जो इसे एक समग्र स्वास्थ्य पहल बनाता है। बच्चों की स्क्रीनिंग इस बात का प्रमाण है कि सीसीएल की नजर केवल इलाज पर नहीं, बल्कि समय रहते पहचान और रोकथाम पर भी है।

‘प्रोजेक्ट आदिति’ के अंतर्गत सिकल सेल एनीमिया की पहचान हेतु 30,000 लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया, जिसमें अब तक 15,908 लोगों की जांच कर 262 मरीजों की पहचान की गई है। इसके अतिरिक्त, 890 स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से 1,50,979 लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं।

दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने हेतु ‘उपचार आपके द्वार’ योजना के तहत 3 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स 56 गांवों में नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं, जबकि एक अतिरिक्त यूनिट लातेहार के 20 गांवों के लिए प्रक्रियाधीन है।

शिक्षा एवं आजीविका: अवसर से आत्मनिर्भरता तक

शिक्षा के क्षेत्र में सीसीएल की पहलें युवाओं के भविष्य को नई दिशा दे रही हैं। रांची में ₹65 करोड़ की लागत से 5000 क्षमता वाली अत्याधुनिक लाइब्रेरी का निर्माण कार्य प्रगति पर है, शीघ्र ही यह लाइब्रेरी भविष्य में ज्ञान, अनुसंधान एवं नवाचार का प्रमुख केंद्र बनेगी।

जब किसी परिवार का पहला बच्चा इंजीनियर बनता है, तो वह केवल एक डिग्री नहीं होती, वह पूरे परिवार के सामाजिक-आर्थिक उत्थान की शुरुआत होती है। ‘सीसीएल के लाल’ एवं ‘सीसीएल की लाडली’ योजनाओं के माध्यम से वंचित वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की कोचिंग उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक 308 विद्यार्थियों ने कोचिंग पूर्ण की, जिनमें से 219 ने इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश प्राप्त किया है। वर्तमान में 80 विद्यार्थी प्रशिक्षणरत हैं। प्रति विद्यार्थी ₹1.80 लाख का वार्षिक व्यय कंपनी द्वारा वहन किया जा रहा है जो शिक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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