ऑटो प्रोफाइल यूनिट-3 में मजदूरों का विस्फोटक आंदोलन, श्रम कानून उल्लंघन पर घिरा प्रबंधन, जेएलकेएम के नेतृत्व में धरने पर सैकड़ों श्रमिक
न्यूनतम मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा और बहाली की मांगों पर औद्योगिक क्षेत्र में खौल रहा असंतोष, एक सप्ताह में समाधान नहीं तो बड़े आंदोलन की चेतावनी

सरायकेला जिले के आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित ऑटो प्रोफाइल यूनिट-3 में बुधवार को श्रमिकों का असंतोष बड़े आंदोलन में बदल गया। न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) अधिनियम 1952, ESI Act 1948, और Bonus Act 1965 के उल्लंघन के आरोपों को लेकर सैकड़ों मजदूर JLKM के केंद्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी प्रेम मार्डी के नेतृत्व में धरने पर बैठ गए। आंदोलन का असर इतना व्यापक रहा कि यूनिट-3 में उत्पादन आंशिक रूप से बाधित हो गया। श्रमिकों ने पाँच सूत्री मांगें रखीं जिनमें सरकारी दर से न्यूनतम मजदूरी का भुगतान, पीएफ ईएसआई और बोनस की अनिवार्य व्यवस्था, सभी मजदूरों को आईडी कार्ड उपलब्ध कराना, वार्षिक वेतन वृद्धि तथा हटाए गए श्रमिक प्रदीप नंदी और पुइतु मुखी की बहाली शामिल है। जेएलकेएम पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रेम मार्डी ने कहा कि यदि समिति की रिपोर्ट मजदूर हितों के खिलाफ गई या समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को जिला से राज्य स्तर तक विस्तारित किया जाएगा। वहीं जेएलकेएम के आदित्यपुर नगर अध्यक्ष प्रदीप महतो ने प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मजदूर प्लांट की रीढ़ हैं लेकिन उनके साथ नियमों के खिलाफ लगातार शोषण किया जा रहा है।
प्रबंधन झुका - दो मजदूर बहाल, समिति गठित करने का फैसला
कड़े आंदोलन के बाद प्रबंधन, JLKM नेताओं और मजदूर प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। इसमें दो अहम निर्णय लिए गए काम से हटाए गए प्रदीप नंदी और पुइतु मुखी को तत्काल बहाल किया जाएगा। मजदूरों की मांगों पर समाधान निकालने के लिए 11 सदस्यीय समिति एक सप्ताह के भीतर गठित होगी। धरना स्थल पर पार्टी के अनेक पदाधिकारी और सैकड़ों मजदूर मौजूद रहे। आंदोलन के बाद कार्यस्थल धीरे-धीरे सामान्य होने लगा लेकिन श्रमिकों ने साफ शब्दों में चेताया कि एक सप्ताह में न्याय नहीं मिला तो संघर्ष और बड़ा होगा।