गम्हरिया में नवविवाहिता की मौत पर बवाल, थाना प्रभारी रामचन्द्र रजक के खिलाफ फूटा गुस्सा
27 दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं, परिजनों ने थाने का घेराव कर पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप

गम्हरिया : सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के 27 दिन बीत जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज परिजनों ने मंगलवार को थाना का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सीधे तौर पर थाना प्रभारी रामचन्द्र रजक की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पुलिस पर गंभीर लापरवाही और आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। मृतका के पिता मंतोष गोराई ने बताया कि उन्होंने 3 मार्च को ही थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में दामाद आशीष गोराई, ससुर सुभाष गोराई और सास सुप्रिया गोराई पर हत्या की साजिश रचने और सबूत मिटाने के लिए शव को फांसी पर लटकाने का आरोप लगाया गया है। परिजनों का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। मंगलवार को परिजन महिला समिति के सदस्यों के साथ थाने पहुंचे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। उनका आरोप है कि लगभग एक महीना बीतने के बावजूद पुलिस ने मुख्य आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे मामले को उच्च अधिकारियों तक ले जाएंगे और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और लोग पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले में कितनी जल्द कार्रवाई कर परिजनों को न्याय दिला पाता है।