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झामुमो गुमला जिला समिति ने दी दिवंगत माता रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि, सिसई रोड कार्यालय में हुआ शोक सभा का आयोजन

रिपोर्ट: शनिरंजन 13 घंटे पहलेझारखण्ड

जब गुरुजी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे, तब माताजी ने संघर्षरत कार्यकर्ताओं और आदिवासियों-मूलवासियों के लिए भोजन और आवास का प्रबंध कर इस आंदोलन को एक अटूट मजबूती दी।

झामुमो गुमला जिला समिति ने दी दिवंगत माता रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि, सिसई रोड कार्यालय में हुआ शोक सभा का आयोजन

गुमला — स्थानीय सिसई रोड स्थित झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) आवासीय कार्यालय में झामुमो गुमला जिला समिति की ओर से एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी की पूजनीय माताजी और दिशोम गुरु श्री शिबू सोरेन जी की धर्मपत्नी, दिवंगत श्रीमती रूपी सोरेन को नमन करने के लिए रखा गया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय विधायक सह जिला अध्यक्ष श्री भूषण तिर्की ने की। इस दौरान जिला समिति के सदस्यों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने माता रूपी सोरेन के चित्र पर माल्यार्पण कर और पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

संघर्षों की सहयात्री थीं माता रूपी सोरेन: भूषण तिर्की श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए विधायक सह जिला अध्यक्ष श्री भूषण तिर्की ने दिवंगत माताजी के जीवन और उनके संघर्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज हम जिस झारखंड अलग राज्य को देख रहे हैं, उसकी परिकल्पना हमारे पूर्वजों ने की थी। इस सपने को साकार करने के लिए 1970-80 के दशक में दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने जो लंबा संघर्ष शुरू किया, उसमें माता रूपी सोरेन हमेशा साये की तरह साथ रहीं। श्री तिर्की ने कहा कि महाजनी प्रथा के खिलाफ आवाज उठाने, शराबबंदी और अलग राज्य की लड़ाई के दौरान गुरुजी को कई बार जेल जाना पड़ा और महीनों अपने परिवार से दूर रहना पड़ा। ऐसी विकट परिस्थितियों में भी माता रूपी सोरेन ने हर मुसीबत का डटकर सामना किया।

जब गुरुजी आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे, तब माताजी ने संघर्षरत कार्यकर्ताओं और आदिवासियों-मूलवासियों के लिए भोजन और आवास का प्रबंध कर इस आंदोलन को एक अटूट मजबूती दी। उन्होंने झारखंड आंदोलन की रीढ़ बनकर गुरुजी के हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया। उनके कार्य और योगदान हमेशा याद रखे जाएंगे और आने वाली पीढ़ी इससे प्रेरणा लेती रहेगी। सभा के अंत में सभी ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की कि वे उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें।इस शोक सभा और श्रद्धांजलि कार्यक्रम में झामुमो गुमला के कई दिग्गज नेता और सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे जिला सचिव मोहम्मद आरिफ अंसारी, केंद्रीय सदस्य रणजीत सिंह, केंद्रीय सदस्य कलीम अख्तर, नगर अध्यक्ष मोहम्मद लड्डन। हरिओम साहू, रमेश गोप, मीडिया प्रभारी मोहम्मद साजिद, सिकुदा लकड़ा, मोहम्मद अनवर, जोहनी मिंज, तारा पन्ना, शोभा मिंज, सेवती टोप्पो, अनूपा लकड़ा, संजय सिंह, कृष्णा गोप, रविंद्र गोप, गन्दूर गोप, मनी खड़िया, बिरसू राम, कृष्ण उरांव, मगन महतो, दुर्गा खड़िया, बुद्धमनी घासी खड़िया, चेरे खड़िया, प्रदीप सिंह, आनंद साहू, बईरा साहू, विशेश्वर महतो, दीपक उरांव, पालु उरांव, एतवा खड़िया, बुद्धू खड़िया, चरकू महतो, जवारी उरांव, शनिचर खड़िया, ओम बंधु खड़िया, बिरसा खड़िया, सुरेंद्र देवी, अनीता देवी, सरिता देवी, रूबी किंडो, रूपा किंडो, रीता उरांव, ज्योत्सना इक्का, नमन खड़िया, सोमरा खड़िया, गुफरान अंसारी, मोहम्मद उस्मान, अल्तमस अली, मोहम्मद विक्की आलम, हुलास महली, चंद्र महली, मोहम्मद बबलू, पवन महली, रोशन महली, मोहम्मद शाहनवाज, शीला देवी, धरम देवी, बुधनी देवी, बनधनी देवी, मोहम्मद तौफीक अली, मोहम्मद सईद अनवर, भैया राम, दशरथ उरांव सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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