रेलवे ठेकेदार की मनमानी से आदित्यपुर की 40 साल पुरानी सड़क बंद, दुकानदारों की रोज़ी-रोटी पर पड़ा भारी असर
रेलवे व जिला प्रशासन की चुप्पी से बढ़ी पीड़ा, मुख्य मार्ग बंद होने से आमजन, मजदूर और यात्री बेहाल

आदित्यपुर : रेलवे फाटक से अंडरग्राउंड ब्रिज जाने वाली लगभग 35-40 वर्ष पुरानी मुख्य सड़क को ठेका कंपनी द्वारा मनमाने ढंग से बंद कर देने से स्थानीय दुकानदार, मजदूर और आमजन गहरी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। यह सड़क आदित्यपुर थाना, तहसील कचहरी, वन विभाग कार्यालय, सरकारी स्कूल, बैंक, विद्युत विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता कार्यालय और रेलवे स्टेशन जाने का महत्वपूर्ण मार्ग है लेकिन ठेकेदार ने काम शुरू करने के नाम पर इसे पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क पर एक ओर बिजली का पोल खड़ा कर दिया गया है और दूसरी ओर सूखा पेड़ छोड़ दिया गया है जिसके चलते रास्ता पूरी तरह सुनसान हो गया है। नतीजतन दुकानों में ग्राहकों का आना-जाना बंद हो गया है और कई दुकानदार बेरोज़गारी की कगार पर पहुंच गए हैं। हालत यह है कि रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों से लेकर रेलवे यार्ड में काम करने वाले मजदूरों तक को रोजाना भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार की मनमानी की वजह से नाली का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है लेकिन न तो रेलवे प्रशासन और न ही जिला प्रशासन के अधिकारियों ने इस पर कोई संज्ञान लिया है। जबकि यही सड़क प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के आवागमन का प्रमुख मार्ग है। स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब रेलवे ने सीमांकन पूरा कर दिया है और पोल भी गाड़ दिया गया है तो सड़क मरम्मत और निर्माण कार्य में इतनी देरी क्यों? क्या ठेकेदार को मनमानी करने की खुली छूट दे दी गई है? पीड़ित दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन व जिला उपायुक्त से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि सड़क को जल्द से जल्द चालू किया जा सके और क्षेत्र की जीवनरेखा बन चुकी इस मुख्य सड़क पर निर्भर लोगों को राहत मिल सके।