ताज़ा-ख़बर

आदित्यपुर ऑटो प्रोफाइल यूनिट-3 के मजदूरों का उग्र धरना-प्रदर्शन, पांच सूत्री मांगों को लेकर ठप हुआ उत्पादन

रिपोर्ट: MANISH 93 दिन पहलेझारखण्ड

श्रमिक अधिकारों पर बड़ा आंदोलन, न्यूनतम मजदूरी, पीएफ-ईएसआई से लेकर वार्षिक वेतन वृद्धि तक लागू करने की मांग

आदित्यपुर ऑटो प्रोफाइल यूनिट-3 के मजदूरों का उग्र धरना-प्रदर्शन, पांच सूत्री मांगों को लेकर ठप हुआ उत्पादन

आदित्यपुर : औद्योगिक क्षेत्र स्थित ऑटो प्रोफाइल लिमिटेड यूनिट-3 में बुधवार को श्रमिकों का असंतोष खुले आंदोलन के रूप में सामने आया। सैकड़ों मजदूर अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के आदित्यपुर नगर अध्यक्ष प्रदीप महतो के नेतृत्व में धरना पर बैठ गए। प्रदर्शन के कारण प्लांट-3 का उत्पादन भी आंशिक रूप से प्रभावित रहा। मजदूरों द्वारा प्रस्तुत मांग पत्र में महत्वपूर्ण श्रम-अधिकार संबंधी मुद्दों को उठाया गया है। मजदूरों की पहली मांग है कि सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी दर के अनुसार वेतन दिया जाए। मजदूरों का आरोप है कि प्लांट में वर्षों से न्यूनतम वेतन अधिनियम का पालन नहीं किया जा रहा। वहीं दूसरी मांग है कि पीएफ, ईएसआई और बोनस की व्यवस्था तुरंत लागू की जाए ताकि श्रमिक सामाजिक सुरक्षा से वंचित न रहें और तीसरी मांग यह है कि प्रत्येक मजदूर को आधिकारिक पहचान पत्र (आईडी कार्ड) जारी किया जाए जिसे कंपनी अब तक उपलब्ध नहीं करा सकी है। वहीं चौथी मांग मजदूरों को न्यूनतम निर्धारित राशि के अनुसार वार्षिक वेतन वृद्धि (Annual Increment) अनिवार्य रूप से दी जाए तथा पांचवीं मांग यह है कि निष्कासित किये गए प्रदीप नन्दी और पुइतु मुखी को अविलंब कार्य पर वापस लिए जाने के साथ ही योग्य और नियमित उपस्थिति वाले मजदूरों को स्थायीकरण का लाभ दिया जाए। जेएलकेएम नेता प्रदीप महतो ने कहा कि प्रबंधन लगातार मजदूरों के मूल अधिकारों की अनदेखी कर रहा है जबकि प्लांट की उत्पादन क्षमता मजदूरों के निरंतर श्रम पर ही निर्भर है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक पांचों मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता आंदोलन जारी रहेगा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में मजदूर मौजूद रहे और नारेबाजी के बीच कंपनी प्रबंधन से शीघ्र समाधान की मांग की। उधर प्रबंधन की ओर से बातचीत का संकेत दिए जाने की खबर है हालांकि औपचारिक बयान अभी तक जारी नहीं हुआ है। श्रमिकों का कहना है कि यदि उनकी मांगें न मानी गईं तो आंदोलन जिला स्तर से राज्य स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।

इन्हें भी पढ़ें.