2 वर्षों से बदहाल सड़क का दंश झेल रहे 300 परिवार, विधायक से लगाई पक्की सड़क निर्माण की गुहार
छोटा बास्को पहाड़ी टोला के ग्रामीणों ने विधायक हेमलाल मुर्मू को सौंपा आवेदन, 10 किलोमीटर सड़क निर्माण की उठाई मांग

By AJay Kumar
बरसात में गांव तक पहुंचना हो जाता है मुश्किल, एंबुलेंस नहीं पहुंचने से गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को उठानी पड़ती है परेशानी
पाकुड़। अमड़ापाड़ा प्रखंड के सिंगारसी पंचायत अंतर्गत छोटा बास्को पहाड़ी टोला के करीब 300 परिवार पिछले 22 वर्षों से जर्जर कच्ची सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बरसात के दिनों में स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि गांव तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है। वर्षों से सड़क निर्माण की आस लगाए ग्रामीणों ने अब लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक हेमलाल मुर्मू से मुलाकात कर अपनी समस्या रखी है। ग्रामीणों ने विधायक को आवेदन सौंपकर करीब 10 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) अथवा विधायक निधि से कराने की मांग की है।
22 वर्षों से नहीं हुई सड़क की मरम्मत ग्रामीणों ने बताया कि छोटा बास्को पहाड़ी टोला तक पहुंचने वाली कच्ची सड़क का निर्माण करीब 22 वर्ष पूर्व मनरेगा योजना के तहत कराया गया था। इसके बाद से सड़क की मरम्मत नहीं होने के कारण इसकी स्थिति लगातार बदतर होती चली गई। वर्तमान में सड़क जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। ग्रामीणों के अनुसार, जावर मोड़ से पहाड़ी के ऊपर स्थित टोला विद्यालय तक करीब चार किलोमीटर, विद्यालय से बाल्मी मोड़ तक तीन किलोमीटर तथा ऊपर टोला से जलस्रोत तक करीब तीन किलोमीटर सड़क का निर्माण आवश्यक है। इन तीनों हिस्सों को मिलाकर लगभग 10 किलोमीटर पक्की सड़क बनाने की मांग की गई है।
बरसात में कीचड़ और पत्थरों से भर जाता है रास्ता ग्रामीणों का कहना है कि बारिश शुरू होते ही कच्ची सड़क की स्थिति और भी भयावह हो जाती है। सड़क पर जगह-जगह कीचड़ जमा हो जाता है, जबकि पहाड़ी क्षेत्र में बड़े-बड़े पत्थर टूटकर रास्ते पर बिखर जाते हैं। इससे पैदल चलना भी जोखिम भरा हो जाता है। कई बार आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। सबसे अधिक परेशानी विद्यालय जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को उठानी पड़ती है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की बदहाली के कारण उन्हें आवश्यक कार्यों के लिए गांव से बाहर आने-जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना बड़ी चुनौती
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की जर्जर स्थिति का सबसे गंभीर असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है। गांव तक एंबुलेंस और 108 आपातकालीन सेवा के वाहनों का पहुंचना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना बड़ी चुनौती बन जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि पक्की सड़क नहीं होने से उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं का लाभ उठाने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक से जल्द पहल करने की मांग ग्रामीणों ने विधायक हेमलाल मुर्मू से जनहित में सड़क निर्माण की दिशा में ठोस पहल करने का आग्रह किया है। आवेदन के माध्यम से ग्रामीणों ने कहा कि छोटा बास्को पहाड़ी टोला से मुख्य सड़क तक पक्की सड़क का निर्माण होने से करीब 300 परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही स्कूली बच्चों, मरीजों और आम लोगों के लिए आवागमन सुगम हो सकेगा। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि विधायक उनकी वर्षों पुरानी समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग से आवश्यक पहल कराएंगे, ताकि पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को जर्जर सड़क की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।