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इंचागढ़ में पति ने दूसरी शादी कर घर से निकाला, पुलिस ने नहीं सुनी फरियाद, पद्मश्री छूटनी महतो के परिवार परामर्श केंद्र पहुंची पीड़िता

रिपोर्ट: MANISH 2 घंटे पहलेझारखण्ड

इंचागढ़ थाना पुलिस की अनदेखी से उजड़ता परिवार! प्रताड़ित महिला बोली- पुलिस ने न्याय नहीं, धमकी देकर भगा दिया

इंचागढ़ में पति ने दूसरी शादी कर घर से निकाला, पुलिस ने नहीं सुनी फरियाद, पद्मश्री छूटनी महतो के परिवार परामर्श केंद्र पहुंची पीड़िता

सरायकेला-खरसावां : जिले के इंचागढ़ थाना क्षेत्र की एक महिला ने पुलिस की कथित उदासीनता और असंवेदनशील रवैये पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। सरायकेला प्रखंड के बिरबांस स्थित परिवार परामर्श केंद्र की संस्थापक एवं पद्मश्री सम्मानित छूटनी महतो के पास पहुंची पीड़िता सरिता महतो ने बताया कि समय पर पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण आज उसका परिवार टूटने की कगार पर पहुंच गया है। सरिता महतो ने बताया कि लगभग नौ वर्ष पूर्व उसकी शादी इंचागढ़ थाना क्षेत्र के चौगा गांव निवासी मधु महतो से हुई थी। शादी के डेढ़ वर्ष बाद बेटे के जन्म के साथ ही पति एवं ससुराल वालों द्वारा उसके साथ मारपीट और प्रताड़ना का सिलसिला शुरू हो गया। उसका आरोप है कि छोटी-छोटी बातों पर बेरहमी से पीटा जाता था और कई बार सिर पर गंभीर चोट लगने से वह लहूलुहान हो गई। पीड़िता का कहना है कि करीब चार वर्ष पहले वह चोटिल अवस्था में न्याय की उम्मीद लेकर इंचागढ़ थाना पहुंची थी, लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसकी शिकायत दर्ज करने के बजाय उसे ही डांट-फटकार कर भगा दिया। सरिता का आरोप है कि उस घटना के बाद उसके मन में पुलिस का ऐसा भय बैठ गया कि अब वह थाना जाने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाती। उसका कहना है कि यदि उस समय पुलिस ने उसकी शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई की होती तो शायद आज उसका परिवार इस स्थिति में नहीं पहुंचता। सरिता ने आरोप लगाया कि उसके पति का दूसरी महिला से संबंध था और कुछ समय पहले उसने उसी महिला से शादी कर ली। इसके बाद उसे घर से निकाल दिया गया। इतना ही नहीं उसके सभी आवश्यक दस्तावेज भी अपने पास रख लिए और उसे तथा उसके सात वर्षीय बेटे के भरण-पोषण के लिए कोई आर्थिक सहायता नहीं दी जा रही है। वर्तमान में सरिता अपनी मां के घर रह रही है। उसकी मां चांडिल कॉलेज में झाड़ू-पोछा का कार्य कर किसी तरह बेटी और नाती का पालन-पोषण कर रही हैं। पीड़िता ने बताया कि दस्तावेज नहीं होने के कारण उसके बेटे की पढ़ाई और भविष्य भी प्रभावित हो रहा है। परिवार परामर्श केंद्र की संस्थापक पद्मश्री छूटनी महतो ने मामले में संबंधित अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ हस्तक्षेप कर पीड़िता को न्याय दिलाने, उसके दस्तावेज वापस दिलाने तथा महिला एवं बच्चे के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं पुलिस की भूमिका को लेकर उठे आरोपों ने एक बार फिर घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों में समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई की आवश्यकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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