बोकारो ट्रेजरी घोटाला : सीआईडी की विशेष अदालत ने की तीन आरोपितों की जमानत याचिका खारिज
यह मामला बोकारो ट्रेजरी से लगभग 11 करोड़ रुपये की कथित अवैध निकासी से जुड़ा हुआ है।

रांची। बहुचर्चित बोकारो ट्रेजरी घोटाला मामले में सीआईडी की विशेष अदालत ने बुधवार को तीन आरोपितों की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने लेखा शाखा के एसएसआई अशोक भंडारी, गृह रक्षक सतीश कुमार और काजल मंडल को राहत देने से इनकार करते हुए उनकी जमानत अर्जी नामंजूर कर दी। इससे पूर्व अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
उल्लेखनीय है कि यह मामला बोकारो ट्रेजरी से लगभग 11 करोड़ रुपये की कथित अवैध निकासी से जुड़ा हुआ है। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब बोकारो पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय की लेखा शाखा में वेतन मद से संदिग्ध भुगतान और अवैध निकासी के तथ्य सामने आए। बाद में महालेखाकार (एजी) की रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा होने पर राज्य के वित्त विभाग ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए थे।
प्रारंभिक जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियों की पुष्टि होने के बाद बोकारो में प्राथमिकी दर्ज की गई। जांच एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए लेखा शाखा से जुड़े मुख्य आरोपित कौशल पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए मामले में संलिप्त अन्य आरोपितों की भी गिरफ्तारी की गई और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अवैध निकासी का मामला केवल बोकारो तक सीमित नहीं था। जांच एजेंसियों को हजारीबाग, चाईबासा, रांची और रामगढ़ ट्रेजरी से भी कथित तौर पर अवैध निकासी के मामले मिले, जिसके बाद पूरे प्रकरण ने राज्यव्यापी वित्तीय घोटाले का रूप ले लिया। विभिन्न ट्रेजरियों में सरकारी धन के दुरुपयोग और भुगतान प्रक्रिया में अनियमितताओं को लेकर जांच एजेंसियां लगातार साक्ष्य जुटाने में लगी हुई हैं।
सीआईडी की विशेष अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद तीनों आरोपितों को फिलहाल जेल में ही रहना होगा। वहीं, मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है। जांच एजेंसियां घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं, वित्तीय लेन-देन और संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।