चैनपुर: शिक्षा के मंदिर को किया गया अपवित्र, स्कूल गेट पर गंदगी फैलाने से लोगों में भारी आक्रोश
घटना की जानकारी तब मिली जब सुबह 6:30 बजे शिक्षक और छात्र पठन-पाठन के लिए स्कूल पहुंचे।

चैनपुर: चैनपुर मुख्यालय स्थित राजकीय बालक मध्य विद्यालय से एक बेहद शर्मनाक और निंदनीय घटना सामने आई है। अज्ञात असामाजिक तत्वों ने विद्यालय के मुख्य गेट और ताले पर गंदगी (मल) लगाकर शिक्षा के इस पवित्र मंदिर को अपवित्र करने का प्रयास किया है।
इस अमानवीय और घृणित कार्य से विद्यालय के शिक्षकों, बच्चों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। घटना की जानकारी तब मिली जब सुबह 6:30 बजे शिक्षक और छात्र पठन-पाठन के लिए स्कूल पहुंचे। मुख्य द्वार पर फैली इस गंदगी को देखकर सभी स्तब्ध रह गए। इसके कारण स्कूल का मुख्य द्वार नहीं खोला जा सका और बच्चों की पढ़ाई लगभग दो घंटे तक बाधित रही।
काफी मशक्कत के बाद थाना प्रभारी अरविंद कुमार के द्वरा सुबह 8:15 बजे पीछे के छोटे दरवाजे का ताला तोड़कर बच्चों को विद्यालय परिसर में प्रवेश कराया गया जिसके बाद 8:30 बजे से कक्षाएं सुचारू रूप से शुरू हो सकीं। सुबह-सुबह स्कूल पहुंचे शिक्षकों और बच्चों को इस दृश्य से काफी मानसिक कष्ट हुआ। पहले भी हो चुकी है ऐसी हरकत: प्रधानाध्यापिका विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका जगरानी कुजूर ने इस घटना पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए बताया कि यह पहली बार नहीं है।
इससे पहले भी दो बार इसी तरह की घृणित हरकत की जा चुकी है जिसे उन्होंने स्वयं साफ किया था। बार-बार हो रही इस शर्मनाक घटना से पूरा विद्यालय परिवार बेहद आहत और परेशान है।घटना की सूचना तत्काल जिप सदस्य मेरी लकड़ा को दी गई। मौके पर पहुंचीं मेरी लकड़ा ने इस कुकृत्य की कड़ी निंदा की। इसके बाद चैनपुर पुलिस को भी मामले से अवगत कराया गया और चैनपुर थाना प्रभारी अरविंद कुमार तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। थाना प्रभारी की मौजूदगी में ही बच्चों को सुरक्षित अंदर ले जाने की व्यवस्था की गई। जिप सदस्य मेरी लकड़ा ने मौके पर पहुंचकर इस घृणित घटना पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने प्रशासन से सख्त मांग करते हुए कहा कि विद्यालय जैसे शिक्षा के मंदिर को अपवित्र करने और क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों को तुरंत चिह्नित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे दोषियों पर इतनी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसी नीच हरकत करने की हिम्मत न कर सके और उन्हें कड़ा सबक मिले।
विद्यालय के शिक्षकों, स्थानीय लोगों और पंचायत की मुखिया शोभा देवी ने एक स्वर में पुलिस प्रशासन से मांग की है कि शिक्षा के माहौल को बिगाड़ने वाले ऐसे असामाजिक तत्वों को जल्द से जल्द चिह्नित कर कठोर से कठोर सजा दी जाए। समाज के लोगों का कहना है कि विद्यालय जैसे मंदिर में इस प्रकार की नीच हरकत करने वालों को ऐसा सबक मिलना चाहिए कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति क्षेत्र का माहौल खराब करने की हिम्मत न कर सके।