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प्रतिबंध के बावजूद सड़क पर दौड़ रहे कोयला डंपर, खड़े ट्रक में मारी जोरदार टक्कर, चालक घायल

रिपोर्ट: VBN News Desk20 घंटे पहलेझारखण्ड

पाकुड़-दुमका मुख्य मार्ग पर घाघरजानी के समीप सुबह चार बजे हुआ हादसा, डंपर का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त

प्रतिबंध के बावजूद सड़क पर दौड़ रहे कोयला डंपर, खड़े ट्रक में मारी जोरदार टक्कर, चालक घायल

By Ajay Kumar निर्धारित रूट छोड़कर हिरणपुर व डांगापाड़ा के रास्ते हो रहा कोयला डंपरों का परिचालन, प्रशासनिक रोक के बावजूद आवाजाही पर उठे सवाल

हिरणपुर (पाकुड़)। पाकुड़-दुमका मुख्य मार्ग पर घाघरजानी गांव के समीप गुरुवार की अहले सुबह तेज रफ्तार कोयला लदे डंपर ने सड़क किनारे खड़े सरसों लदे ट्रक में जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में डंपर चालक पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद निवासी बापी साहा घायल हो गया। घायल चालक को इलाज के लिए सोनाजोड़ी स्थित सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, दुर्घटना में दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। घटना की सूचना मिलते ही एएसआई भोला राम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दुर्घटनाग्रस्त डंपर को जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के रायपुर से सरसों लदे चार ट्रक पश्चिम बंगाल के मालदा जा रहे थे। इसी दौरान एक ट्रक संख्या जेएच 10 टीआर 0990 का टायर पंचर हो गया। चालक ने ट्रक को घाघरजानी के समीप सड़क किनारे खड़ा कर उसकी मरम्मत शुरू कर दी। इसी बीच सुबह करीब चार बजे पाकुड़ की ओर से तेज रफ्तार में आ रहे कोयला डंपर संख्या बीएच 16 जे 2579 ने खड़े ट्रक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक की डीजल टंकी टूट गई और उसमें भरा डीजल सड़क पर बह गया। वहीं, डंपर का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में डंपर चालक घायल हो गया।

इस संबंध में ट्रक चालक गिरिडीह निवासी इम्तियाज अंसारी ने बताया कि टायर पंचर होने के कारण ट्रक को सड़क किनारे खड़ा कर मरम्मत की जा रही थी। इसी दौरान तेज गति से आए कोयला डंपर ने ट्रक में टक्कर मार दी। हादसे में ट्रक को काफी नुकसान पहुंचा है।

23 अक्टूबर तक प्रतिबंध, फिर भी सड़क पर कैसे दौड़ रहे कोयला डंपर?

इस दुर्घटना ने एक बार फिर कोयला परिवहन व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उल्लेखनीय है कि पुलिस प्रशासन द्वारा 23 अक्टूबर तक पाकुड़-दुमका मुख्य मार्ग पर कोयला वाहनों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद प्रतिबंधित मार्ग पर कोयला डंपरों का परिचालन जारी रहना कई सवालों को जन्म दे रहा है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब प्रशासन ने इस मार्ग पर कोयला वाहनों के परिचालन पर रोक लगा रखी है, तो आखिर किसके आदेश पर डंपर इस रास्ते से गुजर रहे हैं? क्या परिवहन से जुड़े वाहन चालक प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं या फिर प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू नहीं कराया जा रहा है?

निर्धारित मार्ग छोड़कर हिरणपुर व डांगापाड़ा के रास्ते लौट रहे डंपर

बताया जा रहा है कि कोयला परिवहन में लगे कई डंपर निर्धारित मार्ग का पालन करने के बजाय हिरणपुर और डांगापाड़ा के रास्ते वापस लौट रहे हैं। ऐसे में प्रतिबंधित मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। विशेषकर तेज रफ्तार में चलने वाले भारी वाहनों के कारण आम राहगीरों और छोटे वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

गुरुवार की सुबह हुई दुर्घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहनों का परिचालन गंभीर हादसों का कारण बन सकता है। ऐसे में निर्धारित रूट का उल्लंघन करने वाले डंपर चालकों एवं संबंधित वाहन संचालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।

प्रतिबंध के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई : थाना प्रभारी

इस संबंध में हिरणपुर थाना प्रभारी रंजन कुमार सिंह ने बताया कि प्रतिबंध के बावजूद उक्त मार्ग से कोयला डंपर का परिचालन किया जा रहा था। दुर्घटनाग्रस्त डंपर को जब्त कर लिया गया है। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, इस घटना के बाद प्रतिबंधित मार्गों पर कोयला वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए नियमित जांच और प्रभावी निगरानी की आवश्यकता एक बार फिर सामने आई है। सवाल यह है कि प्रशासनिक प्रतिबंध के बावजूद कोयला डंपरों के परिचालन पर आखिर कब पूरी तरह अंकुश लग पाएगा।

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