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पेसा नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर झारखंड सरकार का बड़ा फैसला, राज्य से प्रखंड स्तर तक बनेगी समन्वय समिति

रिपोर्ट: VBN News Desk10 घंटे पहलेझारखण्ड

पेसा अब कागजों में नहीं, गांवों में दिखेगा असर : मंत्री दीपिका पांडेय सिंह

पेसा नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर झारखंड सरकार का बड़ा फैसला, राज्य से प्रखंड स्तर तक बनेगी समन्वय समिति

रांची : झारखंड में अनुसूचित क्षेत्रों तक पंचायतों का विस्तार (पेसा) नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पंचायती राज विभाग द्वारा मंगलवार को राजधानी रांची में आयोजित राज्यस्तरीय राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में निर्णय लिया गया कि राज्य, जिला और प्रखंड स्तर तक पेसा समन्वय समिति का गठन किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य पेसा नियमावली की नियमित समीक्षा, जमीनी समस्याओं की पहचान और उनके समयबद्ध समाधान को सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि पेसा नियमावली अब केवल कागजी दस्तावेज बनकर नहीं रहेगी बल्कि इसका वास्तविक प्रभाव गांव और पंचायत स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि यह नियमावली आदिवासी क्षेत्रों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करती है और इससे स्थानीय स्वशासन को मजबूती मिलेगी। उन्होंने ग्राम सभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए बताया कि सहायक सचिव के पद पर महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। इससे आधी आबादी की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी और निर्णय प्रक्रिया अधिक समावेशी बनेगी। कांग्रेस के राज्य प्रभारी के. राजू ने कहा कि झारखंड की पेसा नियमावली देश की सबसे बेहतर नियमावलियों में से एक है। अब जरूरत इसे प्रभावी ढंग से धरातल पर लागू करने की है। उन्होंने विश्वास जताया कि अगले दो से तीन वर्षों में झारखंड की पेसा व्यवस्था राष्ट्रीय मॉडल बन सकती है। पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने बताया कि नियमावली को स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध कराने, प्रशिक्षण और जनजागरूकता अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है। निदेशक राजेश्वरी बी ने कहा कि भविष्य में भी सुझावों का स्वागत किया जाएगा। सम्मेलन में सभी पक्षों ने पेसा को जमीनी स्तर पर सफल बनाने का संकल्प लिया।

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