आदित्यपुर वार्ड 17 बूथ कांड पर झामुमो का तीखा हमला, डॉ. शुभेन्दु महतो ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
70-80 समर्थकों के साथ बूथ में प्रवेश किस अनुमति से? प्रशासन और निर्वाचन आयोग से जवाब तलब

आदित्यपुर : 23 फरवरी को संपन्न निकाय चुनाव के दौरान वार्ड 17 के बूथ संख्या 124 पर हुई घटना को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिलाध्यक्ष डॉ. शुभेंदु महतो ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने जिला प्रशासन एवं निर्वाचन आयोग से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है। डॉ. महतो ने सवाल उठाया कि आखिर किस अनुमति से पार्षद प्रत्याशी अमित सिंह उर्फ बॉबी सिंह अपने 70-80 समर्थकों के साथ मतदान केंद्र में प्रवेश कर गए। क्या इसके लिए पिठासीन पदाधिकारी अथवा निर्वाचन आयोग से कोई स्वीकृति ली गई थी? उन्होंने कहा कि यदि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन में दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई तो प्रशासन की भूमिका संदिग्ध मानी जाएगी। उन्होंने पत्रकार के साथ कथित धक्का-मुक्की की घटना पर भी गंभीर चिंता जताई। डॉ. महतो ने पूछा कि क्या ऐसा कोई प्रमाण था जिससे यह सिद्ध हो कि पत्रकार मतदान प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे थे? यदि पत्रकार ने बीएलओ की भूमिका पर सवाल नहीं उठाया होता तो क्या निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित हो पाता? बूथ संख्या 124 पर बीएलओ की प्रतिनियुक्ति को भी उन्होंने गंभीर विषय बताया। उनका कहना है कि संबंधित बीएलओ वार्ड का निवासी और नगर निगम का संविदा कर्मी था जो पूर्व में प्रत्याशी के डिप्टी मेयर कार्यकाल में भी कार्यरत रह चुका है। शिकायत के बाद हटाए जाने पर बीएलओ द्वारा मतदाता सूची साथ ले जाने से काफी देर तक मतदान बाधित रहा जिससे मतदाताओं को भारी परेशानी उठानी पड़ी। झामुमो जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची आने तक साजिशन हंगामा खड़ा कराया गया जिससे मतदाताओं के बीच भय और असुरक्षा का माहौल बना। उन्होंने प्रश्न किया कि क्या यह पूरा घटनाक्रम आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है? डॉ. महतो ने मांग की कि यदि पत्रकार पर मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप है, तो उस समय मौजूद पिठासीन अधिकारी, दंडाधिकारी और पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच हो। साथ ही यह स्पष्ट किया जाए कि घटना के समय मतदान केंद्र के भीतर कितने पत्रकार मौजूद थे और कथित दुर्व्यवहार की घटना मतदान स्थल से कितनी दूरी पर हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो सरकार स्तर पर शिकायत की जाएगी।