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पलाण्डू की मुख्य सड़क बदहाल, कीचड़ और गंदे पानी के बीच आवागमन को मजबूर ग्रामीण

रिपोर्ट: VBN News Desk17 घंटे पहलेझारखण्ड

25 साल पुरानी PCC सड़क पर संकट, स्कूली बच्चों समेत दर्जनों गांवों के लोगों की बढ़ी परेशानी

पलाण्डू की मुख्य सड़क बदहाल, कीचड़ और गंदे पानी के बीच आवागमन को मजबूर ग्रामीण

रिपोर्ट : अजय कुमार

बड़कागांव : प्रखंड अंतर्गत तलसवार पंचायत के पलाण्डू गांव की मुख्य सड़क इन दिनों बदहाली का शिकार है। सड़क पर जगह-जगह कीचड़ और गंदे पानी का जमाव होने के कारण राहगीरों के लिए पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। बारिश के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। गंदे पानी से होकर गुजरने के दौरान राहगीरों के कपड़ों और शरीर पर छींटे पड़ने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक चिंता स्कूली बच्चों की सुरक्षा और उनके नियमित आवागमन को लेकर जताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार पलाण्डू की इस मुख्य सड़क का PCC निर्माण करीब 25 वर्ष पूर्व तत्कालीन विधायक लोकनाथ महतो के कार्यकाल में कराया गया था। लंबे समय से सड़क की मरम्मत और नवनिर्माण नहीं होने के कारण इसकी स्थिति लगातार खराब होती गई। ग्रामीणों का दावा है कि सड़क की समस्या को लेकर कई बार प्रखंड और जिला स्तर के पदाधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों को विभिन्न माध्यमों से जानकारी दी गई, लेकिन अब तक सड़क के नवनिर्माण को लेकर ठोस पहल नहीं हुई है।

दर्जनों गांवों के आवागमन का प्रमुख रास्ता

यह सड़क केवल पलाण्डू गांव के लोगों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि आसपास के कई गांवों के लोग भी रोजाना इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक कुन्दरु, चेलंगदाग, फटरिया पानी, बटुका खपिया, बुंडू, कोले, लोहरसा, हेंदेगीर, छापर, राय और बचरा समेत अन्य क्षेत्रों के लोगों को इस बदहाल सड़क से होकर गुजरना पड़ता है। सड़क पर कीचड़ और पानी के कारण पैदल यात्रियों, दोपहिया वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को विशेष परेशानी हो रही है।

ग्रामीणों ने रखी सड़क निर्माण की मांग

सड़क के नवनिर्माण की मांग करने वालों में तलसवार पंचायत की मुखिया गीता देवी, पंसस मेघा कुमारी, पूर्व मुखिया सह अधिवक्ता शुक्ला तुरी, पूर्व पंसस केदार महतो, पूर्व उप मुखिया मीठु महतो, वार्ड सदस्य अजय कुमार महतो, वार्ड सदस्या काजो कुमारी, मुखिया प्रतिनिधि संजय महतो, पंसस प्रतिनिधि मिथलेश साव और समाजसेवी राजेन्द्र प्रसाद महतो सहित दर्जनों ग्रामीण शामिल हैं।

नियमों के अनुसार सड़क निर्माण में गुणवत्ता और जलनिकासी जरूरी

ग्रामीण सड़क के निर्माण अथवा पुनर्निर्माण में संबंधित विभाग को स्वीकृत तकनीकी प्राक्कलन, निर्धारित गुणवत्ता मानकों और सड़क की जलनिकासी व्यवस्था का पालन करना होता है। सड़क पर लगातार पानी जमा रहने से उसकी सतह जल्द खराब होती है और दुर्घटना का जोखिम भी बढ़ता है। इसलिए नवनिर्माण से पहले उचित ड्रेनेज, सड़क की ऊंचाई, जल निकासी और गुणवत्ता वाले निर्माण कार्य की व्यवस्था करना आवश्यक है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से स्थल निरीक्षण कर सड़क की वास्तविक स्थिति का आकलन करने तथा प्राथमिकता के आधार पर नवनिर्माण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सड़क बेहतर होने से आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।

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