नई दिशा अभियान को बड़ी सफलता: 5 लाख का इनामी उग्रवादी सुरेन्द्र लोहरा ने किया आत्मसमर्पण
लातेहार पुलिस एवं सीआरपीएफ के संयुक्त प्रयास से उसे आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया गया।

संतोष कुमार लातेहार। झारखण्ड सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत संचालित ह्लनई दिशाह्व अभियान के अंतर्गत लातेहार पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। प्रतिबंधित जे.जे.एम.पी. संगठन के 5 लाख रुपये के इनामी सबजोनल कमांडर सुरेन्द्र लोहरा उर्फ टाइगर जी उर्फ विनोद लोहरा ने गुरुवार को पलामू प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार सिन्हा, सीआरपीएफ 11 बटालियन के कमांडेंट याद राम बुनकर एवं पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
इस दौरान अधिकारियों ने माला पहनाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर उसे मुख्यधारा में शामिल किया।पुलिस अधीक्षक सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पलामू आईजी शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने कहा कि झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ उठाकर शेष नक्सली अपने जीवन को सुरक्षित बनाएं। उन्होंने बताया कि लातेहार जिला, जो कभी उग्रवाद से अत्यधिक प्रभावित था, अब पुलिस और आम जनता के संयुक्त प्रयास से काफी हद तक सामान्य हो चुका है।
वर्ष 2025 में कुल 23 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि एसपी कुमार गौरव के डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में 28 से अधिक नक्सलियों ने हथियार छोड़े हैं।आईजी ने बताया कि सुरेन्द्र लोहरा पिछले लगभग 20 वर्षों से उग्रवादी गतिविधियों में सक्रिय था और उसके विरुद्ध हत्या, रंगदारी, आर्म्स एक्ट एवं यूएपीए के तहत कई मामले दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी के लिए 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
लातेहार पुलिस एवं सीआरपीएफ के संयुक्त प्रयास से उसे आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया गया।एसपी कुमार गौरव ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों को सरकार की नीति के तहत सभी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं और अन्य उग्रवादियों से भी मुख्यधारा में लौटने की अपील की गई है। इस मौके पर डीएसपी विनोद रवानी, इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार, थाना प्रभारी कृष्ण पाल सिंह पवैया सहित कई पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।