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श्रावणी मेला में महिला उद्यमियों के उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार, JSLPS की समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने दिए निर्देश

रिपोर्ट: 10 घंटे पहलेझारखण्ड
श्रावणी मेला में महिला उद्यमियों के उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार, JSLPS की समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने दिए निर्देश

दुमका : उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित आजीविका कार्यक्रमों, महिला उद्यमिता, स्वयं सहायता समूहों (SHG), क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF), ग्राम संगठनों, PVTG सर्वेक्षण सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि राजकीय श्रावणी मेला, बासुकीनाथ धाम लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ महिला स्वयं सहायता समूहों एवं महिला उद्यमियों के लिए अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने का सुनहरा अवसर है। उन्होंने निर्देश दिया कि मेले में महिला दीदियों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों एवं स्थानीय हस्तशिल्प की बिक्री को बढ़ावा दिया जाए, जिससे उन्हें बेहतर आय एवं स्थायी आजीविका का अवसर मिल सके। उपायुक्त ने महिला उद्यमियों के उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग, बेहतर डिस्प्ले और पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मेले में लगाए जाने वाले स्टॉल इस प्रकार तैयार किए जाएं, जिससे श्रद्धालु आसानी से उत्पादों को देख सकें और स्थानीय कला एवं संस्कृति से जुड़े सामानों की खरीदारी के लिए प्रेरित हों। श्रावणी मेला में महिला समूहों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प, हस्तकरघा उत्पाद, स्टोन क्राफ्ट, बांस से बने उपयोगी सामान एवं अन्य स्थानीय उत्पादों की बिक्री की जाएगी। इससे जहां श्रद्धालुओं को झारखंड की पारंपरिक कला और संस्कृति की झलक मिलेगी, वहीं महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों के लिए बड़ा बाजार उपलब्ध होगा। बैठक में उपायुक्त ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) सर्वेक्षण की समीक्षा करते हुए सभी पात्र परिवारों का शत-प्रतिशत सर्वेक्षण समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से नए सदस्यों को जोड़ते हुए उन्हें आजीविका एवं स्वरोजगार योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। पलाश टोटो योजना की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कहा कि योजना के माध्यम से महिला उद्यमियों को स्वरोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने गोपीकांदर, काठीकुंड सहित कम प्रगति वाले प्रखंडों में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और अधिक से अधिक पात्र लाभुकों को जोड़ने का निर्देश दिया। वहीं दीदी की दुकान योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने पात्र महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर योजना से जोड़ने और नियमित निगरानी करने को कहा। बैठक में महिला समूहों के उत्पादों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की पहल की भी जानकारी दी गई। संथाल परगना महिला उत्पादक कंपनी के माध्यम से महिला उद्यमियों के उत्पादों को ऑनलाइन बाजार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसी क्रम में मां लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह, जगुडीह की सदस्य अर्जिना जादुपटिया द्वारा तैयार “डोकरा मोमेंटो (Tribal Dance)” उत्पाद को ऑनलाइन बिक्री के लिए सूचीबद्ध किया गया है। इससे स्थानीय हस्तशिल्प को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है। उपायुक्त ने CIF ऋण एवं LMCP की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि पात्र सखी मंडल की सभी महिलाओं को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधकों को लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने और योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया। बैठक में महिला उद्यमों के डिजिटलीकरण, बैंक लिंकेज, प्रशिक्षण, बाजार उपलब्धता, इन्वेंट्री प्रबंधन एवं उद्यम विकास सहित अन्य आजीविका गतिविधियों की भी समीक्षा की गई।

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