साहित्य जगत में चमका चैनपुर का नाम: उमेश कुमार वर्मा के सुपुत्र ईश्वर वर्मा को मिला 'उत्तम लेखन' सम्मान
कार्यक्रम में देश भर से चुनिंदा साहित्यकारों और रचनाकारों को आमंत्रित किया गया था।

चैनपुर: प्रेमनगर निवासी श्री उमेश कुमार वर्मा के सुपुत्र श्री ईश्वर वर्मा को साहित्य के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया है । उन्हें यह सम्मान बेंगलुरु (कर्नाटक) में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया।11वें वार्षिकोत्सव में मिला राष्ट्रीय मंचसाहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में देश की प्रतिष्ठित संस्था 'मेदिनी प्रेरणा साहित्यिक संस्था (पंजी.)' के मातृ शक्ति प्रेरणा महिला साहित्यिक मंच द्वारा अपने एकादश वार्षिकोत्सव (11वीं वर्षगांठ) के उपलक्ष्य में एक भव्य 'अलंकरण समारोह' का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में देश भर से चुनिंदा साहित्यकारों और रचनाकारों को आमंत्रित किया गया था।
'उत्तम लेखन' के लिए प्रशस्ति पत्र
समारोह के दौरान ईश्वर वर्मा द्वारा रचित कविता “हम लड़कों का भी मायका होता है” को श्रोताओं द्वारा खूब सराहा गया। उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित साहित्य प्रेमियों और कवियों को भावुक कर दिया। ईश्वर वर्मा को उनके उत्तम लेखन और साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मुख्य मंच पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। संस्था के शीर्ष पदाधिकारियों द्वारा उन्हें 'प्रशस्ति पत्र' देकर उनकी लेखनी की सराहना की गई। ईश्वर वर्मा को मिली इस सफलता से न केवल उनके माता-पिता उमेश कुमार वर्मा, बल्कि पूरे गुमला जिले और झारखंड राज्य का नाम साहित्यिक जगत में रोशन हुआ है।बताते चले कि ईश्वर वर्मा वर्ष 2015 से संस्था से जुड़े हुए हैं और लगातार हिंदी साहित्य की सेवा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके पिता उमेश कुमार ने बताया कि ईश्वर को बचपन से ही साहित्य और हिंदी कविताओं में विशेष रुचि रही है। वे विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में नियमित रूप से कविता लेखन एवं काव्य पाठ करते रहे हैं। उनकी रचनाएं कई पुस्तकों एवं पत्र-पत्रिकाओं में भी प्रकाशित हो चुकी हैं।
उनकी माता मीना वर्मा ने जानकारी दी कि इससे पहले भी ईश्वर को “साहित्य रत्न” और “साहित्य प्रहरी सम्मान” जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
दिग्गज साहित्यकारों की रही मौजूदगी
इस गरिमामयी समारोह में संस्था की संस्थापक अध्यक्ष वीणा गुप्ता 'मेदिनी', उपाध्यक्ष भगवती सक्सेना, सचिव मंजू बंसल और प्रचार प्रसार सचिव सुनीता लाहोटी सहित देश के कई दिग्गज साहित्यकार उपस्थित रहे। सभी ने ईश्वर वर्मा को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
क्षेत्र में खुशी की लहर
ईश्वर वर्मा को उनके उत्तम लेखन पर सम्मान मिलने की खबर जैसे ही चैनपुर और गुमला पहुंची, स्थानीय लोगों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीण और स्थानीय प्रबुद्ध जनों ने उनके निवास स्थान पर पहुंचकर उनके पिता उमेश कुमार वर्मा को बधाई दी और ईश्वर वर्मा के इस प्रयास को युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।