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जमशेदपुर में अत्याधुनिक रोबोटिक फिजियोथेरेपी सेंटर शुरू, अब आधुनिक तकनीक से होगा दर्द और लकवे का इलाज

रिपोर्ट: MANISH 8 घंटे पहलेझारखण्ड

नेक्स्ट स्टेप रीहैबिलिटेशन सेंटर की नई पहल, घर बैठे भी मिलेगी विशेषज्ञ फिजियोथेरेपी सेवा

जमशेदपुर में अत्याधुनिक रोबोटिक फिजियोथेरेपी सेंटर शुरू, अब आधुनिक तकनीक से होगा दर्द और लकवे का इलाज

जमशेदपुर : शहर की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देते हुए साकची स्थित नेक्स्ट स्टेप फिजियोथेरेपी एंड रीहैबिलिटेशन सेंटर में अत्याधुनिक रोबोटिक फिजियोथेरेपी एवं रीहैबिलिटेशन सेवाओं की शुरुआत की गई है। आधुनिक रोबोटिक तकनीकों और उन्नत चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित इस सेंटर का उद्देश्य मरीजों को वैज्ञानिक, सुरक्षित और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराना है ताकि उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े। सेंटर प्रबंधक डॉ. सुजीत जी. घोषाल ने बताया कि यहां ऑर्थोपेडिक, न्यूरोलॉजिकल, स्पोर्ट्स इंजरी, पोस्ट-ऑपरेटिव रिकवरी, लकवा, कमर व गर्दन दर्द, घुटनों की समस्या तथा मांसपेशियों और नसों से जुड़ी विभिन्न बीमारियों के उपचार एवं पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की गई है। प्रत्येक मरीज की शारीरिक स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन कर उसके अनुरूप व्यक्तिगत उपचार एवं रीहैबिलिटेशन योजना तैयार की जाती है। सेंटर में रोबोटिक 4D स्पाइनल डीकम्प्रेशन, रोबोटिक गेट रीहैबिलिटेशन सिस्टम, फंक्शनल मैग्नेटिक स्टिमुलेटर, क्लास-4 लेजर थेरेपी, प्रेशर वेव थेरेपी, आई-टिकार थेरेपी, मोटराइज्ड टिल्ट टेबल, पावर्ड मसल स्टिमुलेटर, एडवांस ट्रैक्शन, सीपीएम, आईएफसीटी, टेन्स, डायनामिक अल्ट्रासाउंड और डायाथर्मी जैसी आधुनिक तकनीकों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है जिससे मरीजों की रिकवरी अधिक तेज और प्रभावी हो सके। इसके अलावा बुजुर्गों, ऑपरेशन के बाद घर पर उपचार की आवश्यकता वाले मरीजों तथा चलने-फिरने में असमर्थ लोगों के लिए होम विजिट फिजियोथेरेपी एवं रीहैबिलिटेशन सेवा भी शुरू की गई है। इस सेवा के तहत विशेषज्ञ फिजियोथेरेपिस्ट मरीजों के घर जाकर उपचार प्रदान करेंगे। वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. सुजीत जी. घोषाल (पीटी), डॉ. बंधन सिंह (पीटी) और डॉ. पिंकी कुमारी (पीटी) ने बताया कि आधुनिक रोबोटिक तकनीकों के उपयोग से मरीजों की रिकवरी प्रक्रिया अधिक सुरक्षित, सटीक और तेज होती है। उन्होंने कहा कि इस पहल से झारखंड के मरीजों को विश्वस्तरीय फिजियोथेरेपी एवं रीहैबिलिटेशन सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी और वे जल्द सामान्य जीवन में लौट सकेंगे।

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