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विद्या विकास पब्लिक स्कूल में छात्र परिषद् का शपथ ग्रहण, नव-निर्वाचित छात्र नेताओं ने संभाली जिम्मेदारी

रिपोर्ट: VBN News Desk1 घंटे पहलेझारखण्ड

सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी प्रनीत चंद्र ने दिलाई नेतृत्व और अनुशासन की सीख, पूर्व छात्र परिषद् सदस्यों को भी किया गया सम्मानित

विद्या विकास पब्लिक स्कूल में छात्र परिषद् का शपथ ग्रहण, नव-निर्वाचित छात्र नेताओं ने संभाली जिम्मेदारी

By Sudhir

रांची। विद्या विकास पब्लिक स्कूल में छात्र परिषद् (इन्वेस्टिचर सेरेमनी) का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। समारोह में नव-निर्वाचित छात्र परिषद् के सदस्यों को विधिवत पदभार सौंपते हुए नेतृत्व, अनुशासन, उत्तरदायित्व और सेवा-भाव की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक नृत्य से हुआ।

मुख्य अतिथि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के वरिष्ठ अधिकारी प्रनीत चंद्र ने अपने संबोधन में कहा कि नेतृत्व केवल अधिकार नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सच्चा नेता अपने अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्ट आचरण से दूसरों के लिए प्रेरणा बनता है। उन्होंने विद्यार्थियों से ईमानदारी, आत्मविश्वास, राष्ट्रप्रेम और सेवा-भाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया। इस अवसर पर विद्यालय के पूर्व छात्र परिषद् सदस्यों को उनके उत्कृष्ट नेतृत्व एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

समारोह में हेड बॉय (साहित्यिक) बादल कुमार, हेड गर्ल (साहित्यिक) रितिका कुमारी, हेड बॉय (सांस्कृतिक) सिद्धांत दूबे, हेड गर्ल (सांस्कृतिक) रोशनी कुमारी, उप-प्रधान छात्र (साहित्यिक) पीयूष कुमार, उप-प्रधान छात्रा (साहित्यिक) आस्था सिंह, उप-प्रधान छात्र (सांस्कृतिक) प्रिंस कुमार झा तथा उप-प्रधान छात्रा (सांस्कृतिक) वंशिका शैलजा सहित विभिन्न पदों पर चयनित छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि एवं विद्यालय प्रबंधन ने बैज और सैश प्रदान किए। इसके बाद सभी छात्र नेताओं ने विद्यालय, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति निष्ठा, ईमानदारी, अनुशासन तथा समर्पण के साथ अपने दायित्व निभाने की शपथ ली।

विद्यालय की निर्देशिका प्रभा सिंह ने कहा कि नेतृत्व का वास्तविक अर्थ दूसरों का मार्गदर्शन करना, टीम भावना के साथ कार्य करना तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना है। प्रधानाचार्या जया प्रसाद ने छात्र परिषद् के सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल एक पद नहीं, बल्कि उत्कृष्ट चरित्र और जिम्मेदार नागरिक बनने का अवसर है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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