मॉरीशस के पूर्व उप प्रधानमंत्री की बेटी-दामाद अपने पैतृक गांव सिमरातरी पहुंचे , हुआ भव्य स्वागत
1986 एवं 1991 में हरीश बुद्धू सिमरातरी गांव पहुंचे थे।

अजय कुमार बड़कागांव : मॉरीशस के पूर्व उप प्रधानमंत्री डॉ हरीश बुद्धू की बेटी 50 वर्षीय सचिता बुद्धू अपने पति 55 वर्षीय अजय बुद्धु के साथ स्वदेश अपने पैतृक गांव बड़कागांव प्रखंड के नयाटांड के सिमरातरी गांव पहुंची। रांची एयरपोर्ट पहुंचने पर उनके पैतृक गांव एवं झारखंड वासियों ने भव्य स्वागत किया। अजय पेसे से ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र चलाते हैं वहीं सचीता अधिकारी हैं वहीं हरीश बुद्धू इन दिनों लेखन का कार्य कर रहे हैं कई किताबें भी लिख चुके हैं।
1986 में हरीश बुद्धू ने अपने पूर्वजों को ढूंढ निकाला था
मॉरीशस के तत्कालीन उप प्रधानमंत्री हरीश बुद्धू ने भारत सरकार राजीव गांधी से अपील की और अपनी पूर्वजों को ढूंढ निकालने के लिए उनकी मदद मांगी। मदद मिलने के पश्चात उन्होंने बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव से भी मदद मांगी और हरीश बुद्धू को उनका 200 वर्ष पुराना परिवार मिल गया जिसे खुशी का ठिकाना नहीं था। और हरीश बुद्धू ने अपने गांव की मिट्टी की महत्व को समझा ललाट से लगा गौरवान्वित हुआ था। 35 वर्षों के बाद हरीश बुद्धू के बेटी दामाद सिमरातरी गांव में आगमन होने से गांव में उत्साह का माहौल देखा गया। लोगों के आगमन के लिए सिमरातरी गांव निवासी वंशज राम लखन महतो एवं उनके पुत्र दिलीप कुमार का सराहनीय प्रयास रहा। मौके पर सचिता बुद्धू ने कहा कि जितना सम्मान मुझे गांव वालों ने दिया है इस सामान को मैं कभी भी भूल नहीं सकती हूं, मैं आप लोगों से मॉरीशस आने का नेवता देती हूं। आप लोग मॉरीशस आइए हमें अच्छा लगेगा। कुशवाहा समाज अध्यक्ष सोहनलाल मेहता ने कहा कि हरीश जी जब 1991 में आए थे ,तब गांव के विकास के लिए एक ट्रस्ट बना कर गए थे। और बेटियों को शिक्षा के प्रति जागरुक कर गए । इसके बाद बड़कागांव पूर्व प्रमुख गुरुदयाल महतो ने डॉ हरीश बुद्धू की प्रेरणा से बालिका उच्च विद्यालय की स्थापना की थी। सचिता एवं अजय का 5 दिन प्रवास में दोनों अपने पैतृक गांव आए हैं झारखंड के कई धार्मिक स्थान एवं पर्यटन स्थल का भ्रमण करेंगे।
अंग्रेजों ने सोने की बारिश होती है कह कर, हरीश बुद्धू के परदादा को मजदूरी के लिए मॉरीशस ले गए थे।
200 वर्ष पूर्व अंग्रेजों ने हरीश बुद्धू के परदादा बुद्धू महतो को बहला फुसलाकर मॉरीशस में सोने की बारिश होने वाला देश कहकर मजदूरी के लिए ले गए थे उस वक्त बुद्धू महतो का उम्र मात्र 15 वर्ष थी। जहां बुद्धू महतो को कई परेशानियों का शिकार होना पड़ा था। तभी बुद्धू महतो का वंशज हरीश बुद्धू आगे चलकर मॉरीशस के उप प्रधानमंत्री बने और अपने देश भारत से लेकर राज्य, जिला, एवं बड़कागांव सिमरातरी गांव का नाम रोशन किया।
सचिता और अजय का स्वागत करने वालों में मुख्य रूप से सिमरातरी निवासी राम लखन महतो, दिलीप कुमार महतो,कुशवाहा समाज के अध्यक्ष सोहनलाल मेहता, देवनाथ महतो, ग्राम अध्यक्ष केदार प्रसाद दांगी, ग्राम उपाध्यक्ष दिलीप कुमार, ग्राम सचिव कमल कुमार, ग्राम कोषाध्यक्ष सिकंदर महतो, योगेंद्र महतो, अजीत कुमार राम, लखन महतो, ईश्वरी महतो, कैलाश महतो, दौलत महतो, दीपक महतो, अशोक महतो, सुरेंद्र प्रसाद दांगी ,अरुण महतो, रामू महतो, तिलनाथ महतो,कंचन महतो आदि शामिल हैं।