बलोचिस्तान में हिंसा तेज, दो अलग-अलग झड़पों में तीन पुलिसकर्मियों की मौत, कई घायल
क्वेटा में जबरन गुमशुदगी के खिलाफ अनशन जारी, हजारों दिनों से न्याय की मांग पर डटे लोग

बलोचिस्तान : पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलोचिस्तान में बीते 24 घंटों के दौरान हिंसा की दो अलग-अलग घटनाओं में तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हो गए। इन घटनाओं के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। पहली घटना खुजदार के बागबाना क्षेत्र में हुई जहां पुलिस टीम सोलर पैनलों की चोरी की शिकायत पर छापेमारी करने गई थी। इसी दौरान हथियारबंद बदमाशों ने पुलिस पर अचानक गोलीबारी कर दी। इस हमले में हेड कांस्टेबल समीउल्लाह और महिला कांस्टेबल मलिक नाज की मौके पर ही मौत हो गई जबकि अतिरिक्त थाना प्रभारी इब्राहिम शेख और कांस्टेबल नजीबुल्लाह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दूसरी घटना मस्तुंग जिले के दश्त कंबेला इलाके में हुई जहां सुरक्षा बलों और विद्रोहियों के बीच मुठभेड़ में एक और पुलिसकर्मी हेड कांस्टेबल रहमतुल्लाह खिलजी की जान चली गई। इस दौरान छह अन्य जवान घायल हुए हैं। सेना ने पूरे क्षेत्र को घेरकर सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। इधर क्वेटा प्रेस क्लब के बाहर जबरन गुमशुदगी के खिलाफ आम नागरिकों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। यह अनशन 6139वें दिन भी जारी रहा जिसमें लोग सरकार से लापता व्यक्तियों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्षों से उनके परिजन लापता हैं लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लगातार बढ़ती हिंसा और गुमशुदगी के मामलों ने क्षेत्र में अस्थिरता और चिंता को और गहरा कर दिया है।