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8 महीने से एनएच-33 पर वन-वे पुल के कारण 66 दुर्घटनाओं में 100 की मौत, प्रशासन उदासीन, ग्रामीणों में आक्रोश

रिपोर्ट: VBN News Desk5 दिन पहलेझारखण्ड

प्रशासन से शिकायत की गई तो अधिकारियों ने इसे एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) का मामला बताकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया।

8 महीने से एनएच-33 पर वन-वे पुल के कारण 66 दुर्घटनाओं में 100 की मौत, प्रशासन उदासीन, ग्रामीणों में आक्रोश

चांडिल (कल्याण पात्रो) : एनएच-33 पर चिलगु के पास एक पुल के वन-वे किए जाने के कारण लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं लेकिन प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। समाजसेवी शेखर गांगुली के अनुसार पिछले आठ महीनों में इस मार्ग पर 66 सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं जिनमें 100 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।

प्रशासन और एनएचएआई की लापरवाही

स्थानीय लोगों ने जब इस समस्या को लेकर प्रशासन से शिकायत की तो अधिकारियों ने इसे एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) का मामला बताकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। वहीं टोल प्लाजा के कर्मचारियों ने इसे सड़क निर्माण कंपनी की जिम्मेदारी बताया। ऐसे में स्थानीय लोग यह समझ नहीं पा रहे हैं कि वे अपनी शिकायत लेकर आखिर जाएं तो कहां जाएं।

ताजा दुर्घटना में कई लोग घायल

शुक्रवार को एक मजदूर को बचाने के प्रयास में एक हाइवा ट्रक पलट गया। इस दौरान पीछे से आ रही क्रेटा कार ट्रक से टकरा गई जिससे कार में सवार सभी यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए और मजदूर के दोनों पैर टूट गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत सभी घायलों को जमशेदपुर स्थित एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया जहां उनका इलाज चल रहा है।

स्थानीय लोगों का बढ़ता आक्रोश

इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही पुल के दोनों ओर यातायात सुचारू रूप से बहाल नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और एनएचएआई की होगी।

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