विक्षिप्त बच्ची को टाउन पुलिस ने दरिया दिली दिखा पिता से मिलाया, बच्ची प्रियंका ने घर पहुंच पाकुड़ पुलिस को थैंक यू भैया कहा
बच्ची के माता-पिता से "विडिओ-कॉलिंग"से बात कराई गई, लेकिन तब तक वे अपनी बच्ची को पहचान नहीं पाए।

पाकुड़। नगर थाने की पुलिस ने अपने कर्तव्य के साथ-साथ मानवता की दरिया दिली दिखा एक विक्षिप्त नाबालिक भटकी बच्ची को ना वह केवल शरण देने का काम किया बल्कि उसके माता-पिता को बिहार के भागलपुर जिला से खोज निकाल उनके हाथ में सौंप कर एक प्रशंसनीय काम किया है। यह मामला बीते 29 मार्च की रात विक्षिप्त अवस्था में नाबालिक बच्ची कलिकापुर शनि मंदिर के पास भटकते हुए सुनसान जगह पर मिली।
स्थानीय लोगों के सूचना पर नगर थाना की गश्ती दल वहां पहुंचकर बच्ची को सुरक्षित थाने पर लाया और फिर पूछताछ में उक्त बच्ची ने अपना नाम प्रियंका कुमारी, उम्र- करीब 14 वर्ष, पिता- उचित तांती, ग्राम- किशनपुर, थाना- अमरपुर, जिला- बांका बताया।फिर क्या था पुलिस बांका पुलिस से संपर्क साधकर बच्ची द्वारा बताई गई पते पर उसके पिता की पड़ताल की। नगर थाना के इंचार्ज प्रयाग दास पाकुड़ ने अपना फ़र्ज़ और जिम्मेवारी समझ अपने हाथों में इस मामले की बागडोर संभाली।
उक्त बच्ची की देखरेख में एक महिला कांस्टेबल तैनात कर दी। उसे तीनों वक्त का भोजन, नाश्ता पुलिस मेश से उपलब्ध कराया गया।बच्ची द्वारा बताए गए पत्ते पर अमरपुर के थानेदार से बातचीत कर उस पते पर उसके पिता की खोज कराई गई। लेकिन तीसरे दिन बच्ची (प्रियंका) ने कहा कि मेरा घर ग्राम- किशनपुर, थाना- अकबरनगर, जिला- भागलपुर है। फिर अकबरनगर थाना के थानेदार से बातचीत कर उस पते पर उसके पिता की खोज कराई गई।
बच्ची के माता-पिता से "विडिओ-कॉलिंग"से बात कराई गई, लेकिन तब तक वे अपनी बच्ची को पहचान नहीं पाए। दर असल थाना इंचार्ज ने उक्त बच्ची को महिला पुलिस की देखरेख में सौंप दिए जाने के बाद उसे बढ़िया से स्नान करवा कर स्वच्छ और नए वस्त्र धारण कराया गया। बच्ची का लुक बदल जाने के कारण उनके माता-पिता अपनी बेटी को बचाने में कंफ्यूज हो रहे थे, लेकिन बाद में फिर वह अपने बेटी को पहचान लिए। माता-पिता बोले कि अपनी बेटी को हमलोग पहचान नहीं पाए कारण की नए और साफ-सुथरा कपड़ा में देखकर।
1 मार्च की शाम उक्त बच्ची के माता-पिता नगर थाना पहुंचकर अपनी बेटी से मिले लेकिन बच्ची प्रियंका को देखकर भी रोते हुए कहने लगी कि- हम यहीं रहेंगे दीदी के पास और वह घर जाने के लिए तैयार नहीं हो रही थी। फिर उन्हें काफी समझाया गया, तब अपने पापा के साथ जाने के लिए तैयार हुईं। जाते समय सभी का पांव छुईं, जैसे अपने घर से अपनी बहन विदा हो रही हों.
अपने पिताजी के साथ घर पहुंची प्रियंका अपने पिताजी के मोबाइल से कॉल कर पाकुड़, नगर थाना पुलिस को धन्यवाद देते हुए प्रियंका ने थैंक यू भैया पाकुड़ पुलिस को कहा।