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नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आगाज, 21 देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी से बढ़ी वैश्विक हलचल

रिपोर्ट: VBN News Desk1 घंटे पहलेदेश

ब्रिक्स सम्मेलन के लिए दिल्ली में कड़ा सुरक्षा घेरा, 500 से अधिक हाई-रिजॉल्यूशन कैमरों से निगरानी

नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आगाज, 21 देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी से बढ़ी वैश्विक हलचल

नई दिल्ली : भारत की अध्यक्षता में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आगाज हुआ। दो दिवसीय सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को आयोजित किया जा रहा है, जिसमें ब्रिक्स सदस्य देशों के साथ साझेदार और आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। भारत की 2026 की अध्यक्षता का मुख्य विषय “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” यानी लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण रखा गया है। सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा समेत कई प्रमुख नेता और प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। विस्तारित ब्रिक्स में अब 11 सदस्य देश हैं और सम्मेलन में साझेदार देशों की भागीदारी से मंच का दायरा और व्यापक हुआ है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बातचीत भी प्रस्तावित है। भारत और चीन के बीच हाल के वर्षों में संबंधों में आई तल्खी के बाद दोनों देशों के बीच संवाद बढ़ने की कोशिशों के बीच यह बैठक अहम मानी जा रही है।

दिल्ली में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था

ब्रिक्स सम्मेलन को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी की गई है। भारत मंडपम और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरों के साथ चेहरे की पहचान और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था में एनएसजी कमांडो, एंटी-ड्रोन सिस्टम, स्नाइपर और एंटी-सबोटाज टीमों की तैनाती की गई है। दिल्ली के प्रमुख मार्गों और वीवीआईपी रूटों पर भी सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए गए हैं। एयरपोर्ट से लेकर सम्मेलन स्थल और प्रतिनिधियों के ठहरने वाले होटलों तक सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं। भारत के लिए यह सम्मेलन कूटनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। नई दिल्ली ब्रिक्स को समाधान केंद्रित और विकासोन्मुख मंच के रूप में मजबूत करने पर जोर दे रही है। सम्मेलन में वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों के साथ आर्थिक सहयोग, नवाचार, सतत विकास, व्यापार और वैश्विक शासन व्यवस्था से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

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