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साकची गुरुद्वारा में 31 अक्टूबर को सजेगा महान कीर्तन दरबार, भाई गुरचरण सिंह करेंगे गुरबाणी कीर्तन

रिपोर्ट: VBN News Desk21 घंटे पहलेझारखण्ड

गुरु रामदास साहिब के प्रकाश पर्व को समर्पित होगा समागम, बीबियों ने किया पोस्टर विमोचन

साकची गुरुद्वारा में 31 अक्टूबर को सजेगा महान कीर्तन दरबार, भाई गुरचरण सिंह करेंगे गुरबाणी कीर्तन

जमशेदपुर : सिखों के चतुर्थ गुरु श्री गुरु रामदास साहिब जी के पावन प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में 31 अक्टूबर, शनिवार को साकची गुरुद्वारा साहिब में महान कीर्तन समागम आयोजित किया जाएगा। समागम में हजूरी रागी दरबार साहिब, अमृतसर के भाई गुरचरण सिंह सहित स्थानीय गुरबाणी कीर्तनकार अपनी प्रस्तुति से संगत को निहाल करेंगे। रविवार को गुरुद्वारा के मुख्य सेवादार सरदार निशान सिंह के नेतृत्व में स्त्री सत्संग सभा और सुखमणि साहिब कीर्तनी जत्था की बीबियों ने समागम का पोस्टर जारी किया। गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी, साकची द्वारा स्त्री सत्संग सभा, सुखमणि साहिब कीर्तनी जत्था और नौजवान सभा के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रधान सरदार निशान सिंह ने कहा कि गुरबाणी कीर्तन सिख धर्म की आध्यात्मिक परंपरा का अभिन्न अंग है। उन्होंने संगत से परिवार सहित कीर्तन दरबार में शामिल होने की अपील की। महासचिव परमजीत सिंह काले ने बताया कि शाम के दीवान में भाई नारायण सिंह, भाई निर्मल सिंह, भाई अमृतपाल सिंह मन्नन, जत्थेदार जरनैल सिंह और विशेष रूप से पहुंच रहे भाई गुरचरण सिंह गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि समागम का उद्देश्य संगत को गुरबाणी से जोड़ना और नई पीढ़ी को सिख धर्म की आध्यात्मिक विरासत से परिचित कराना है। कार्यक्रम के दौरान गुरु का अटूट लंगर भी निरंतर वितरित किया जाएगा। पोस्टर विमोचन के अवसर पर गुरुद्वारा कमिटी के पदाधिकारी, सदस्य और स्त्री सत्संग सभा की बीबियां उपस्थित रहीं। कमिटी ने अधिक से अधिक संगत से समागम में शामिल होकर गुरु घर की खुशियां प्राप्त करने की अपील की। पोस्टर विमोचन के अवसर पर उपस्थित सदस्यों में प्रधान निशान सिंह की अध्यक्षता में महासचिव परमजीत सिंह काले, ट्रस्ट्री सतनाम सिंह सिद्धू, चेयरमैन रणधीर सिंह, कोषाध्यक्ष बलबीर सिंह, सतिंदर सिंह रोमी, बरयाम सिंह, अजायब सिंह, सुखविंदर सिंह निक्कू, गुरमीत कौर, राजबीर कौर, कमलजीत कौर, रतनजीत कौर, मनजीत कौर, चरण कौर, हरपाल सिंह, मनोहर सिंह मित्ता, नरेंद्र कौर, प्रीतपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, सन्नी सिंह बरियार, अमरपाल सिंह और दलजीत सिंह ने कीर्तन दरबार को अभूतपूर्वरूप से सफल बनाने तथा अधिक से अधिक संगत तक इसकी जानकारी पहुंचाने का संकल्प लिया।

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