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टाइगर सफारी–पलामू किला–भेड़िया अभयारण्य को जोड़कर बनेगा नया टूरिस्ट सर्किट

रिपोर्ट: अकरम 5 घंटे पहलेझारखण्ड

बेतला में पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

 टाइगर सफारी–पलामू किला–भेड़िया अभयारण्य को जोड़कर बनेगा नया टूरिस्ट सर्किट

बरवाडीह(लातेहार)। झारखंड के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू बुधवार को बेतला पहुंचे, जहां पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के बेतला रेंज स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में टाइगर फाउंडेशन की वार्षिक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में शामिल पर्यटन मंत्री ने वन एवं पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पलामू टाइगर रिजर्व के संरक्षण, ईको-टूरिज्म, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार तथा वन्यजीव प्रबंधन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की।

बेतला पहुंचने पर पीटीआर के क्षेत्र निदेशक सह डीएफओ प्रजेशकांत जैना ने मंत्री का बुके एवं अंगवस्त्र देकर स्वागत किया। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक लोकगीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई।बैठक में आने वाले समय में बेतला राष्ट्रीय उद्यान, प्रस्तावित टाइगर सफारी, ऐतिहासिक नया एवं पुराना पलामू किला तथा महुआडांड़ स्थित भेड़िया अभयारण्य को जोड़कर एकीकृत टूरिस्ट सर्किट विकसित करने पर सहमति बनी। इसके साथ ही पलामू टाइगर रिजर्व के ऐतिहासिक गौरव को पुनर्जीवित करने के लिए बाघों के पुनर्वास, उनकी संख्या बढ़ाने हेतु अनुकूल वातावरण तैयार करने तथा बायसन (गौर) के पुनर्वास पर भी निर्णय लिया गया।

बैठक में पीटीआर क्षेत्र के भीतर स्थित ऐतिहासिक पलामू किला के संरक्षण, जीर्णोद्धार एवं सुंदरीकरण, पर्यटकों के लिए आधारभूत सुविधाओं के विकास तथा ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से टाइगर सफारी की स्थापना की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा कोर एरिया से गांवों के स्वैच्छिक पुनर्वास एवं विस्थापन प्रक्रिया को गति देने तथा प्रभावित परिवारों को पारदर्शी, बेहतर एवं समयबद्ध पुनर्वास सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए इनोबॉक्स तकनीक के सफल उपयोग की सराहना की गई। हाथियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए विकसित गजरक्षा प्रणाली तथा आंतरिक विश्लेषण के लिए तैयार बाघ प्रहरी डैशबोर्ड को भी प्रभावी बताया गया।

पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों को सभी विकास योजनाओं में गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेतला और पलामू टाइगर रिजर्व को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है तथा पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाएगा।बैठक में पीसीसीएफ (एचओएफ) संजीव कुमार, वाइल्ड लाइफ पीसीसीएफ रविरंजन, वन विभाग के सचिव अबूबकर सिद्दीकी, पीटीआर निदेशक एस.आर. नटेश, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक विकास देशती वेंकटेश वरलु, गढ़वा उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा, पलामू उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, जिला परिषद अध्यक्ष पूनम देवी, लातेहार डीडीसी सैय्यद रियाज अहमद, एसडीएम दिनेश कुमार, क्षेत्र निदेशक सह डीएफओ प्रजेशकांत जैना, एसडीपीओ बिरेंद्र राम, बरवाडीह बीडीओ रेश्मा रेखा मिंज, रेंजर उमेश दुबे, अजय टोप्पो, फॉरेस्टर संतोष कुमार, शशांक शेखर, अखिलेश सहित बड़ी संख्या में वनपाल, वनकर्मी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक देर शाम तक चली। विभागीय सूत्रों के अनुसार, बेतला क्षेत्र में पर्यटन विकास, वन्यजीव संरक्षण, पर्यटक सुविधाओं के विस्तार तथा टूरिज्म आधारित विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में लिए गए निर्णयों की औपचारिक घोषणा विभाग द्वारा शीघ्र किए जाने की संभावना है।

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