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जनशताब्दी एक्सप्रेस में दिल दहला देने वाली घटना, मां पर डेढ़ माह के मासूम को ट्रेन से फेंकने का आरोप

रिपोर्ट: VBN News Desk4 घंटे पहलेझारखण्ड

यात्रियों की सतर्कता से दूसरे बच्चे की बची जान, रेल मंडल में सनसनी

जनशताब्दी एक्सप्रेस में दिल दहला देने वाली घटना, मां पर डेढ़ माह के मासूम को ट्रेन से फेंकने का आरोप

खरसावां : चक्रधरपुर रेल मंडल में मानवता को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस में सफर के दौरान एक महिला द्वारा अपने डेढ़ माह के मासूम बच्चे को चलती ट्रेन से बाहर फेंकने का मामला सामने आया है। इस घटना से यात्रियों के बीच दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया। वहीं रेल ट्रैक के किनारे नवजात का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार ट्रेन संख्या 12021 हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस राजखरसावां और महालीमरूप स्टेशन के बीच से गुजर रही थी। इसी दौरान ट्रेन में सफर कर रही एक महिला अचानक असामान्य व्यवहार करने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक महिला ने अपनी गोद में बैठे डेढ़ माह के बच्चे को अचानक खिड़की से बाहर फेंक दिया। घटना इतनी अचानक हुई कि डिब्बे में मौजूद यात्री कुछ समझ ही नहीं पाए। घटना के बाद ट्रेन के अंदर अफरा-तफरी मच गई। यात्रियों ने बताया कि महिला इसके बाद अपने करीब तीन वर्षीय दूसरे बच्चे को भी बाहर फेंकने का प्रयास करने लगी लेकिन डिब्बे में मौजूद सतर्क यात्रियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए बच्चे को बचा लिया। यात्रियों ने महिला और उसके पति को पकड़ लिया और अगले स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के हवाले कर दिया। इधर घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल और सरकारी रेलवे पुलिस सक्रिय हो गई। रेल ट्रैक के किनारे खोजबीन के दौरान नवजात बच्चे का शव बरामद किया गया। इसके बाद पूरे रेल मंडल में इस दर्दनाक घटना की चर्चा शुरू हो गई। पुलिस के अनुसार महिला की पहचान पश्चिम सिंहभूम जिले के मझगांव निवासी मुद्रावती गोप के रूप में हुई है जबकि उसके पति ने अपना नाम शहाबुद्दीन बताया है जो पश्चिम बंगाल का निवासी है। प्रारंभिक जानकारी में बताया गया है कि करीब चार वर्ष पहले दोनों घर से भागकर साथ रहने लगे थे। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि महिला की मानसिक स्थिति, पारिवारिक परिस्थिति और घटना के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाया जा रहा है। वहीं यात्रियों द्वारा दूसरे बच्चे की जान बचाए जाने की सराहना की जा रही है। इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर समाज के सामने मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक तनाव और बच्चों की सुरक्षा जैसे गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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