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चांडिल डैम विस्थापितों के पुनर्वास में 13 करोड़ की गड़बड़ी का आरोप, जांच समिति रांची ले गई भुगतान फाइलें

रिपोर्ट: MANISH 6 घंटे पहलेझारखण्ड

116 प्रभावित गांवों में विकास केवल 43 तक क्यों? मधुश्री महतो ने जांच समिति के सामने उठाए सवाल

चांडिल डैम विस्थापितों के पुनर्वास में 13 करोड़ की गड़बड़ी का आरोप, जांच समिति रांची ले गई भुगतान फाइलें

चांडिल : सुवर्णरेखा बहुद्देशीय परियोजना के विस्थापितों के पुनर्वास, मुआवजा, विकास और रोजगार से जुड़े लंबित मुद्दों को लेकर जल संसाधन विभाग, झारखंड सरकार की पांच सदस्यीय जांच समिति ने शुक्रवार को घोड़ानेगी स्थित गोल्डन व्यू रिसोर्ट, आईबी डैम कॉलोनी में सुनवाई की। समिति की अध्यक्ष अवर सचिव आर. रॉनिटा के समक्ष जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो, विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के राकेश रंजन महतो और विस्थापित मुक्ति वाहिनी के अंबिका जादव ने समस्याएं रखीं। मधुश्री महतो ने सवाल उठाया कि परियोजना से 116 गांव प्रभावित हुए, लेकिन विकास कार्य केवल 43 गांवों तक सीमित क्यों हैं। उन्होंने कहा कि चार वर्षों से विकास कार्य ठप हैं और कई आंशिक प्रभावित गांवों को अब तक विकास पुस्तिका नहीं मिली है। पुनर्वास के लिए अधिग्रहित जमीन संबंधित विभाग के नाम पंजी-2 में हस्तांतरित नहीं किए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। कुकड़ू प्रखंड की नौ पंचायतों में जलभराव से धान की फसल प्रभावित होने की शिकायत करते हुए विस्थापितों ने डैम का जलस्तर 179 RL से नीचे रखने की मांग दोहराई। साथ ही लंबित अनुदान भुगतान, विकास पुस्तिका निर्माण, स्थानीय युवाओं को परियोजना और जल लेने वाली कंपनियों में रोजगार, पुनर्वास जमीन का पट्टा तथा पर्यटन और मार्केट प्लेस विकसित करने की मांग की गई। विस्थापित मुक्ति वाहिनी के अंबिका जादव ने आरोप लगाया कि RL-180 मीटर से ऊपर के दस गांवों की पुनर्वास राशि कथित तौर पर दूसरे गांवों के अपात्र लोगों को भुगतान की गई, जिससे करीब 13 करोड़ रुपये से अधिक की गड़बड़ी की आशंका है। शिकायत के बाद समिति RL-180 से 183 मीटर तक प्रभावित गांवों के भुगतान अभिलेख अपने साथ रांची ले गई। नीमडीह प्रखंड के हेवेन गांव के भुगतान पर भी सवाल उठाए गए हैं। समिति अब गांववार अभिलेखों की जांच करेगी। विस्थापित संगठनों ने दोषी पाए जाने वालों पर कानूनी कार्रवाई और पात्र परिवारों को लंबित राशि दिलाने की मांग की। जांच समिति में विभागीय अधिकारियों के साथ अपर निदेशक गौतम कुमार भगत और आरओ सुखदेव महतो भी उपस्थित थे।

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