चंदनडीह-पांडेपुरा सड़क निर्माण में गड़बड़ी का आरोप, ग्रामीणों ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
वर्षों के इंतजार के बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू हुआ है, लेकिन यदि निर्माण गुणवत्तापूर्ण नहीं हुआ तो इसका लाभ आम जनता को नहीं मिल पाएगा।

संतोष कुमार लातेहार। लातेहार शहर के पानी टंकी मोड़ से चंदनडीह होते हुए पांडेपुरा तक बन रही पीसीसी सड़क के निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने संवेदक पर निर्माण कार्य में अनियमितता बरतने तथा गुणवत्ता मानकों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। जहां सड़क की ढलाई 6 इंच मोटाई में की जानी चाहिए, वहां कई स्थानों पर मात्र 2 इंच तक ही ढलाई की जा रही है।
इसके अलावा निर्माण कार्य में आवश्यक मशीनों का भी समुचित उपयोग नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार ढलाई के कुछ ही घंटों बाद सड़क में दरारें पड़ने लगी हैं और कई जगहों पर परत उखड़ती दिखाई दे रही है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि जब वे निर्माण कार्य में हो रही कथित गड़बड़ियों का विरोध करते हैं या इसकी शिकायत उठाते हैं, तो पेटी कॉन्ट्रैक्टर द्वारा उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया जाता है। इससे लोगों में नाराजगी और बढ़ती जा रही है।स्थानीय लोगों ने बताया कि यह सड़क कई गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है।
सड़क के किनारे विद्यालय और स्वास्थ्य केंद्र भी स्थित हैं, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि सड़क की ऊंचाई, ढलान एवं निर्माण गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं होने पर भविष्य में दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहेगी।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क की समुचित सफाई किए बिना ही धूल और मिट्टी जमी पुरानी सतह पर पीसीसी ढलाई की जा रही है। वहीं निर्माण के बाद नियमित रूप से पानी का पटाव (क्योरिंग) भी नहीं किया जा रहा है, जिससे सड़क की मजबूती प्रभावित हो सकती है। उनका कहना है कि वर्षों के इंतजार के बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू हुआ है, लेकिन यदि निर्माण गुणवत्तापूर्ण नहीं हुआ तो इसका लाभ आम जनता को नहीं मिल पाएगा।
पहले भी नगर अध्यक्ष महेश सिंह, और वार्ड पर्षद ने इस विषय पर उपायुक्त महोदय को आवेदन सौंपा था पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुआ। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं ग्रामीण कार्य विभाग (आरडब्ल्यूडी) से निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कर दोषी संवेदक के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा मानक के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।