बरवाडीह के पीटीआर क्षेत्र में अल्प मजदूरी पर बीड़ी पत्ते का अवैध कारोबार जोरों पर
मजदूरों को प्रतिदिन बेहद कम (200 रुपए प्रति सैकड़ पोले) पारिश्रमिक दिया जा रहा है, जबकि कारोबारी करोड़ों की मोटी कमाई करते हैं।

बरवाडीह। पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के प्रतिबंधित वन क्षेत्रों में इन दिनों बीड़ी पत्ते के अवैध कारोबार ने फिर से जोर पकड़ लिया है। वन विभाग की रोक के बावजूद या यूं कहें मिलीभगत से जंगलों में बड़ी संख्या में मजदूरों को कम मजदूरी देकर बीड़ी पत्ते तुड़वाया जा रहा है। आरोप है कि कारोबारियों द्वारा गरीब मजदूरों का शोषण करते हुए अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध तरीके से बीड़ी पत्ते संग्रह कराया जा रहा है ।
जानकारी के अनुसार मजदूरों को प्रतिदिन बेहद कम (200 रुपए प्रति सैकड़ पोले) पारिश्रमिक दिया जा रहा है, जबकि कारोबारी करोड़ों की मोटी कमाई करते हैं। जागरूक ग्रामीणों का कहना है कि वन क्षेत्र में प्रतिबंध होने के बावजूद खुलेआम बीड़ी पत्ते की खरीद-बिक्री की जा रही है। कारोबारियों द्वारा मजदूरों के सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी कोई सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराया जाता है।बता दें कि पीटीआर प्रतिबंधित वन क्षेत्र है जहां टेंडर होना असंभव है बावजूद इसके माफिया वन क्षेत्र में सक्रिय हैं।
जहां एक तरफ वन विभाग को वन्यजीवों के संरक्षण व सुरक्षा के नाम पर प्रत्येक वर्ष करोड़ों रुपए आवंटित किए जाते हैं वहीं दूसरी तरफ हजारों मजदूर प्रतिबंधित क्षेत्र में सुबह से शाम हल्ला बोल करते हैं जिससे वन्यजीव भटकते फिरते हैं, अभी के वातावरण में वन्यजीवों को दाना पानी के लिए ऐसे ही संघर्ष करना पड़ रहा है और दूसरी ओर मजदूरों के आवागमन से उनके सामने आफत सी आन पड़ी है।
देखा जा रहा है कि प्रतिबंधित क्षेत्र के गांवों में दर्जनों अवैध खलिहाना लगाए गए हैं जबकि वन विभाग के वरिय अधिकारी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बीड़ी पत्ते की तोड़ाई और खलिहान लगाने को प्रतिबंधित बताते हैं।वन विभाग की ओर से कहा जाता है कि छापेमारी की जाएगी,कार्रवाई होगी लेकिन ये सिर्फ कहने की बात है। मामले पर जागरूक लोगों के द्वारा जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर अवैध कारोबार पर रोक लगाने की मांग की जा रही है।अब देखना है कि जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है।