अंदाग जंगल अवैध कटाई मामले में हाईकोर्ट सख्त, तीन आरोपी गिरफ्तार, विभागीय जांच भी शुरू
पलामू वन क्षेत्र में अवैध कटाई प्रकरण पर न्यायालय की निगरानी, कई अधिकारियों को नोटिस जारी

रांची/पलामू : पलामू के अंदाग जंगल में अवैध कटाई मामले में झारखंड उच्च न्यायालय की निगरानी में जांच और कार्रवाई तेज हो गई है। मामले की सुनवाई के दौरान सीआईडी के एडीजी श्री मनोज कौशिक ने वर्चुअल माध्यम से न्यायालय को अद्यतन स्थिति से अवगत कराया।
दाखिल हलफनामे के अनुसार, मामले के दो नामजद आरोपी मोहफिज अंसारी और जितेंद्र कुमार हाजरा को पूर्व में ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि तीसरे नामजद आरोपी महाराज सिंह को 29 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया। तीनों आरोपियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
हलफनामे में बताया गया है कि विभागीय जांच के लिए एक समिति गठित की गई है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर धारा 160 सीआरपीसी के तहत नोटिस ज्ञापन संख्या 100, 101 और 102 जारी किए गए हैं।
इसी क्रम में 1 मई 2026 को मेदिनीनगर, पलामू के तत्कालीन संभागीय वन अधिकारी कुमार आशीष और राहुल कुमार तथा पांकी के तत्कालीन सर्किल अधिकारी विनोद कुमार को नोटिस जारी किया गया। संबंधित भूखंड के रैयत पंकज कुमार सिंह को भी धारा 160 के तहत नोटिस दिया गया है।
मामले में मोहफिज अंसारी के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, जबकि अन्य दो आरोपियों जितेंद्र कुमार हाजरा और महाराज सिंह के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति अभी लंबित बताई गई है।
इस बीच मामले को लेकर यह आरोप भी सामने आया है कि विभागीय स्तर पर कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि तत्कालीन उच्च वन अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में पर्याप्त कार्रवाई नहीं हो रही है। हालांकि, इस संबंध में विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अंदाग जंगल अवैध कटाई प्रकरण अब केवल आपराधिक जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इससे वन प्रशासन की जवाबदेही और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।