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जमानत मिलते ही जेल गेट से दोबारा गिरफ्तारी, पचंबा पुलिस की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल

रिपोर्ट: Amit Sahay1 घंटे पहलेझारखण्ड

एक ही घटना के दूसरे कांड में चार आरोपी फिर गिरफ्तार, कानूनी प्रक्रिया और पुलिस कार्यशैली बनी चर्चा का विषय

जमानत मिलते ही जेल गेट से दोबारा गिरफ्तारी, पचंबा पुलिस की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल

गिरिडीह : नगर निगम चुनाव के दौरान वार्ड संख्या-18 में हुए चर्चित हिंसक विवाद और गोलीबारी मामले में जमानत पर रिहा हुए चार युवकों को जेल से बाहर निकलते ही पुनः गिरफ्तार किए जाने से पचंबा थाना पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। इस कार्रवाई को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। जानकारी के अनुसार पचंबा थाना कांड संख्या 16/26 में आरोपी अमित विश्वकर्मा, मनजीत पासवान, किशोर कुमार और आकाश हांडी को उच्च न्यायालय से जमानत मिली थी। न्यायालय के आदेश के बाद गुरुवार को चारों युवक गिरिडीह जेल से रिहा हुए। हालांकि जेल से बाहर निकलते ही पचंबा थाना पुलिस ने उन्हें उसी घटना से जुड़े दूसरे मामले, कांड संख्या 15/26 में गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों के अनुसार पुलिस को पहले से जमानत मिलने की जानकारी थी और पुलिसकर्मी जेल परिसर के बाहर ही मौजूद थे। जैसे ही चारों युवक जेल से बाहर आए उन्हें तत्काल हिरासत में ले लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि जेल से रिहाई की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद ही गिरफ्तारी की कार्रवाई कर दी गई। उल्लेखनीय है कि नगर निगम चुनाव के दौरान बक्सीडीह रोड स्थित मतदान केंद्र पर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। घटना के दौरान गोलीबारी हुई थी जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। मृतक पक्ष की शिकायत पर पचंबा थाना में कांड संख्या 16/26 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया था। वहीं पुलिस ने इसी घटना को लेकर कांड संख्या 15/26 भी दर्ज किया था। कानूनी जानकारों के अनुसार यदि किसी घटना से जुड़े अलग-अलग कांडों में किसी व्यक्ति की संलिप्तता दर्ज है और संबंधित मामले में गिरफ्तारी लंबित है तो जमानत मिलने के बाद भी दूसरे कांड में गिरफ्तारी की कार्रवाई कानूनन संभव है। हालांकि इस मामले में पुलिस की तत्परता और कार्रवाई के समय को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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