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सरायकेला रथ महोत्सव में पहली बार दौड़ेगी बाइक एंबुलेंस, भीड़ के बीच श्रद्धालुओं को मिलेगा तत्काल उपचार

रिपोर्ट: MANISH 12 घंटे पहलेझारखण्ड

रथयात्रा की तैयारियां तेज, सुरक्षा-स्वास्थ्य पर प्रशासन का फोकस, भीड़ नियंत्रण को नो-एंट्री की भी तैयारी

सरायकेला रथ महोत्सव में पहली बार दौड़ेगी बाइक एंबुलेंस, भीड़ के बीच श्रद्धालुओं को मिलेगा तत्काल उपचार

सरायकेला : ऐतिहासिक श्रीजगन्नाथ रथ महोत्सव को लेकर सरायकेला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में सरायकेला, आदित्यपुर, गम्हरिया और आरआईटी क्षेत्र की रथयात्रा समितियों के साथ सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस वर्ष की सबसे बड़ी और नई पहल बाइक एंबुलेंस सेवा होगी जो भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में आपात स्थिति से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। अनुमंडल पदाधिकारी अभिनव प्रकाश ने बताया कि रथयात्रा के दौरान यदि किसी श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ती है या कोई दुर्घटना होती है तो बाइक एंबुलेंस संकरी और भीड़भाड़ वाली गलियों तक तुरंत पहुंचकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराएगी। आवश्यकता पड़ने पर मरीज को बिना विलंब अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि यह पहल आपातकालीन चिकित्सा सेवा को अधिक प्रभावी बनाएगी। बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष सह मेला समिति अध्यक्ष मनोज चौधरी ने तारिणी व्रत और रथ भांगनी के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल एवं महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की मांग की। वहीं श्रीजगन्नाथ सेवा समिति के अध्यक्ष लिपू उर्फ राजेंद्र महंती ने रथ संचालन का कार्यक्रम प्रशासन को सौंपते हुए बताया कि रथ का रात्रि विश्राम पाठागार चौक तथा बहुदा यात्रा के दौरान कालूराम चौक में होगा। उन्होंने दोनों स्थानों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया। बैठक में विधायक प्रतिनिधि सनंद आचार्य ने रथयात्रा को सरकारी संरक्षण देने की मांग उठाई। प्रशासन ने मेले में लगने वाले झूलों के संचालन से पूर्व अनिवार्य एनओसी लेने, पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था करने तथा 24 और 25 जुलाई को संभावित भीड़ को देखते हुए नो-एंट्री व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज, थाना प्रभारी विनय कुमार सहित विभिन्न रथयात्रा समितियों के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। प्रशासन का दावा है कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुगम आवागमन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

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