ताज़ा-ख़बर

आदित्यपुर से टाटानगर तक फैला ब्राउन शुगर का नेटवर्क, आरपीएफ ने तीन तस्करों को दबोचा

रिपोर्ट: VBN News Desk1 घंटे पहलेअपराध

टाटानगर स्टेशन पर ऑपरेशन नारकोस की बड़ी कार्रवाई, आदित्यपुर से लाई गई लाखों की ब्राउन शुगर बरामद

आदित्यपुर से टाटानगर तक फैला ब्राउन शुगर का नेटवर्क, आरपीएफ ने तीन तस्करों को दबोचा

जमशेदपुर : नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने टाटानगर रेलवे स्टेशन परिसर में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों के पास से लाखों रुपये मूल्य की ब्राउन शुगर बरामद की गई है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि बरामद नशीला पदार्थ सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर इलाके से लाकर टाटानगर स्टेशन परिसर में बेचा जा रहा था। जानकारी के अनुसार रेलवे के माध्यम से नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के उद्देश्य से आरपीएफ की ओर से ऑपरेशन नारकोस अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, रेलवे सुरक्षा बल चक्रधरपुर मंडल के निर्देश पर टीम ने टाटानगर रेलवे स्टेशन परिसर में छापेमारी कर तीन तस्करों को दबोच लिया। आरपीएफ के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों के पास से कुल 28 पुड़िया ब्राउन शुगर बरामद की गई है जिसका कुल वजन 3.56 ग्राम बताया जा रहा है। जब्त नशीले पदार्थ की अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख 56 हजार रुपये आंकी गई है। इसके अलावा आरोपितों के पास से तीन मोबाइल फोन और 4,330 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। जब्त किए गए सामानों की कुल कीमत करीब 4 लाख 20 हजार 330 रुपये बताई गई है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान परसुडीह थाना क्षेत्र के किताडीह निवासी मुस्तकीम अंसारी उर्फ रतन, बर्मामाइंस के कैरेज कॉलोनी निवासी बसंत उपाध्याय उर्फ डेफिनिटी तथा गोलमुरी खालसा क्लब के पास रहने वाले राहुल कुमार डे के रूप में हुई है। आरपीएफ थाना प्रभारी राकेश महतो ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुस्तकीम अंसारी उर्फ रतन आदित्यपुर इलाके से ब्राउन शुगर लाकर टाटानगर स्टेशन परिसर में बसंत उपाध्याय और राहुल कुमार डे को बेच रहा था। इसी दौरान आरपीएफ की टीम ने तीनों को रंगे हाथ पकड़ लिया। फिलहाल आरपीएफ गिरफ्तार आरोपितों से गहन पूछताछ कर रही है और इस अवैध कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस तस्करी के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा इसका नेटवर्क किन-किन क्षेत्रों तक फैला हुआ है।

इन्हें भी पढ़ें.