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थाना परिसर में जश्न और ड्यूटी पर सवाल, वेतन-छुट्टी नियमों के बीच पुलिस प्रशासन घिरा

रिपोर्ट: MANISH 5 घंटे पहलेझारखण्ड

डीसी-एसपी आवास तक होली समारोह की चर्चा, त्योहार ड्यूटी के दौरान अनुशासन पर उठे गंभीर प्रश्न

थाना परिसर में जश्न और ड्यूटी पर सवाल, वेतन-छुट्टी नियमों के बीच पुलिस प्रशासन घिरा

सरायकेला : आरआईटी थाना परिसर में होली और रमजान को लेकर आयोजित शांति समिति की बैठक के बाद अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और पुलिसकर्मियों द्वारा अबीर-गुलाल लगाकर जश्न मनाने तथा देर रात तक फगुआ गीतों के आयोजन को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। थाना प्रभारी संजीव सिंह की मौजूदगी में खुले तौर पर उत्सव मनाया गया जिसकी तस्वीरें और चर्चाएं पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पर्व के दौरान पुलिस बल की जिम्मेदारी सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक होती है। झारखंड पुलिस मैनुअल और सिविल सेवा (आचरण) नियमावली के तहत ड्यूटी के समय अनुशासन, निष्पक्षता और तत्परता बनाए रखना अनिवार्य है। नियमों के अनुसार, वेतनभोगी सरकारी कर्मचारी को निर्धारित ड्यूटी समय में पूर्ण रूप से सेवा के लिए उपलब्ध रहना होता है। यदि कोई अधिकारी या कर्मी उत्सव में संलग्न है तो उसे विधिवत अवकाश स्वीकृत होना चाहिए। सरकारी सेवा नियमों में यह भी स्पष्ट है कि बिना स्वीकृत अवकाश के ड्यूटी से अनुपस्थित रहना या कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही विभागीय कार्रवाई का आधार बन सकता है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि थाना परिसर में रंग-गुलाल और जश्न का माहौल रहा तो क्या सभी संबंधित कर्मियों को औपचारिक अवकाश प्रदान किया गया था? सूत्रों के अनुसार जिले में 05 मार्च तक विभिन्न स्थानों, यहां तक कि डीसी एवं पुलिस अधीक्षक के आवास पर भी होली मिलन समारोह आयोजित होने की परंपरा है। हालांकि सामाजिक समरसता के दृष्टिकोण से यह सकारात्मक पहल मानी जा सकती है लेकिन त्योहारों के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि किसी भी समय कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होती है और पुलिस बल रंगों में सराबोर या सीमित संख्या में उपलब्ध हो तो इससे त्वरित कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। विशेषज्ञों का मत है कि सार्वजनिक पद पर आसीन अधिकारियों को व्यक्तिगत उत्सव और आधिकारिक दायित्वों के बीच स्पष्ट संतुलन बनाए रखना चाहिए ताकि प्रशासनिक गरिमा और जनता का विश्वास कायम रहे।

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