बच्चों के हाथों में पेन-किताबें हों, औजार नहीं : पीएलभी विनय प्रसाद
पंड़वा गांव में बच्चों को चाइल्ड फ्रेंडली लीगल सर्विसेज फॉर चिल्ड्रन स्कीम की दी गई जानकारी

नरेंद्र प्रसाद गुप्ता मेदिनीनगर (पलामू) : नालसा व झालसा के निर्देश व जिला विधिक सेवा प्राधिकार पलामू के तत्वावधान में रविवार को पंड़वा प्रखंड के पंड़वा गांव में बच्चों को चाइल्ड फ्रेंडली लीगल सर्विसेज फॉर चिल्ड्रन स्कीम, 2024 के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान पीएलभी विनय प्रसाद ने बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों, शिक्षा के अधिकार व संकट की स्थिति में मिलने वाली निशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा व अधिकारों के संरक्षण के लिए सरकार ने विशेष कानूनी व्यवस्था की है। किसी बच्चे के साथ मारपीट, शोषण अथवा उसे स्कूल भेजने के बजाय मजदूरी कराने की स्थिति में कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी निशुल्क विधिक सहायता मिलती है। वकील व पुलिस बच्चों से संवेदनशील एवं मित्रवत व्यवहार करते हैं, ताकि वे बिना किसी भय के अपनी बात रख सकें। विनय प्रसाद ने कहा कि बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है।
किसी बच्चे को पढ़ाई से वंचित करना अथवा कम उम्र में काम करने के लिए मजबूर करना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि बच्चों के हाथों में पेन व किताबें होनी चाहिए, औजार नहीं। 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से दुकानों, कारखानों या अन्य स्थानों पर काम कराना कानूनन अपराध है। उन्होंने बच्चों को बताया कि लड़का हो या लड़की, अमीर हो या गरीब अथवा दिव्यांग इन सभी को कानून की नजर में समान संरक्षण प्राप्त है।
**मुसीबत में 1098 पर करें काल : शैलेंद्र तिवारी ** पीएलभी शैलेंद्र तिवारी ने बच्चों को आपात स्थिति में उपयोगी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए कहा कि यदि कोई बच्चा खो जाए, किसी परेशानी में फंस जाए या किसी दूसरे बच्चे को मुसीबत में देखे तो 1098 पर काल कर मदद ली जा सकती है। वहीं नालसा की 15100 हेल्पलाइन के माध्यम से कानूनी सहायता प्राप्त की जा सकती है। जरूरतमंद बच्चों और उनके परिवार को वकील की सहायता सहित आवश्यक विधिक सलाह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने बच्चों को साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया। कहा कि इंटरनेट और ऑनलाइन गेम के दौरान किसी अनजान व्यक्ति से दोस्ती नहीं करनी चाहिए। माता-पिता की अनुमति के बिना अपना मोबाइल नंबर, स्कूल का नाम, घर का पता या फोटो किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए। उन्होंने बच्चों से कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा परेशानी की स्थिति में तत्काल अपने माता-पिता, शिक्षक या संबंधित व्यक्ति को इसकी जानकारी दें।