कल्याण विभाग में हुए 12 करोड़ का फर्जीवाड़ा कर निकासी मामले में सीआईडी एसपी जांच करने पहुंचे, कल्याण, बैंक अधिकारी से की पूछताछ
साल 2024 और 2025 के दौरान करीब 15 करोड़ से अधिक निकासी में बैंक की भूमिका सबसे अधिक संदेहास्पद बताया जा रहा है।

पाकुड़। जिला कल्याण कार्यालय में हुई 12 करोड़ 66 लाख की हेरा फेरी से पैसे निकासी मामले में सीआईडी के एसपी पूज्य प्रकाश शुक्रवार को पाकुड़ पहुंच कर मामले की तहकीकात की। नगर थाने में दर्ज कांड को लेकर एसपी ने जिला कल्याण पदाधिकारी के साथ कार्यालय के नाजिर और एसबीआई मेन ब्रांच के बीएम से परिसदन में लंबी पूछताछ की। सीआईडी इस हेरा फेरी कर पैसे की निकासी कांड में जुड़े चंदन की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
मिली जानकारी के अनुसार साल 2024 और 2025 के दौरान करीब 15 करोड़ से अधिक निकासी में बैंक की भूमिका सबसे अधिक संदेहास्पद बताया जा रहा है। बैंक के बड़े अधिकारी से लेकर कनीय अधिकारी की संलिप्तता होने से इंकार नहीं किया जाने की बात सामने आई है। सीआईडी अब इस हेरा फेरी से इतनी बड़ी रकम की निकासी में किन-किन बैंक के अधिकारी और कनीय अधिकारी की संलिप्तता रही है, इस बात की पड़ताल में जुटी है। रांची से आए सीआईडी बैंक की भूमिका संदिग्ध पाया है। सीआईडी पैसे की निकासी में किन-किन बड़े अधिकारियों से लेकर बाबू के हाथ है, इस बात की जांच में जुट गई है। हालांकि इस मामले में अधिकारी कुछ बताने से परहेज कर रहे हैं।
लेकिन इतना तो तय माना जा रहा है कि इतनी बड़ी रकम की निकासी में विभाग के अधिकारी से लेकर बैंक के अधिकारी की संगीता स्पष्ट रूप से सामने आने लगी है। एक सप्ताह पूर्व सीआईडी ने दुमका कार्यालय में चार कर्मियों को पाकुड़ से बुलाकर तीन दिनों तक उनसे लंबी पूछताछ हुई है ।इस दौरान कई लोगों के नाम सामने आने की बात आई है। अधिकांश पैसे का ट्रांसफर यहां के कर्मियों के सगे संबंधियों के खाते में डालकर निकाल ली गई है।इस बाबत सीआईडी के एसपी पूज्य प्रकाश से दूरभाष पर जांच के बाबत पूछे जाने पर बताया कि रूटीन के तहत अनुसंधान चल रही है।