डुमरी में कांग्रेस का संवाद कार्यक्रम, बीएलए को एससीआर को लेकर दिया गया प्रशिक्षण
जिन मतदाताओं के नाम या अन्य विवरण में त्रुटियां हैं, उनका सुधार कराना बीएलए की प्रमुख जिम्मेदारी होगी।

डुमरी : प्रखंड कांग्रेस कमिटी द्वारा मुख्यालय स्थित सागवान बगीचा में बुधवार को एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत कमिटी के सदस्यों एवं बीएलए-2 को एससीआर (SCR) के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान मतदाता सूची के अद्यतन, त्रुटि सुधार एवं नए नाम जोड़ने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष इग्नेसियुस मिंज ने की। मुख्य अतिथि के रूप में जिला अध्यक्ष सह सांसद प्रतिनिधि राजनील तिग्गा उपस्थित थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बीएलए को संगठन द्वारा विशेष प्रशिक्षण देकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। आगामी माह से एससीआर लागू होने जा रहा है, जिसके तहत मतदाता सूची को पूरी तरह से अपडेट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीएलए की भूमिका इस प्रक्रिया में बेहद अहम है। उन्हें घर-घर जाकर सर्वेक्षण करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे। नए मतदाताओं का नाम जोड़ना, मृत अथवा दूसरे स्थानों पर स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके लोगों के नाम हटाना तथा जिन मतदाताओं के नाम या अन्य विवरण में त्रुटियां हैं, उनका सुधार कराना बीएलए की प्रमुख जिम्मेदारी होगी।
उन्होंने फार्म प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि फार्म 6 के माध्यम से नए नाम जोड़े जाएंगे, फार्म 7 से नाम हटाए जाएंगे और फार्म 8 के जरिए त्रुटियों का सुधार किया जाएगा। इसके साथ ही सभी कार्यकर्ताओं को गणना प्रपत्र भरने में भी सक्रिय सहयोग करना होगा, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पूरी हो सके।
अपने संबोधन में उन्होंने कांग्रेस के इतिहास का भी जिक्र किया। कहा कि आजादी की लड़ाई में कांग्रेस ने अग्रणी भूमिका निभाई और देश को स्वतंत्रता दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। स्वतंत्रता के बाद भी कांग्रेस ने देश के विकास, लोकतंत्र की मजबूती और सामाजिक न्याय के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अल्बर्ट तिग्गा ने पेसा कानून की नियमावली पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पेसा कानून का उद्देश्य ग्राम सभा को सशक्त बनाना है। झारखंड राज्य गठन के बाद इस कानून के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को विशेष अधिकार दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस कानून के तहत महिलाओं को 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की गई है, जिससे निर्णय प्रक्रिया में उनकी सक्रिय भागीदारी बढ़ सके। उन्होंने आगे कहा कि जल, जंगल और जमीन पर ग्राम सभा का पूर्ण अधिकार है और इसके संरक्षण एवं उपयोग का निर्णय ग्राम सभा ही करती है। पेसा कानून ग्रामीण स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में प्रखंड उपाध्यक्ष जीवंती एक्का, रघुनंदन प्रसाद, फिरासत अली, मकबूल आलम, नारायण रजक, राजेश्वर एक्का, आनंद एक्का सहित सभी पंचायत अध्यक्ष, बीएलए एवं कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।