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श्रम विभाग की नोटिस के बाद मेटाफेब इंडस्ट्रीज पर उठे गंभीर सवाल, मजदूरों की शिकायतों की जांच को पहुंचे अधिकारी

रिपोर्ट: MANISH 2 घंटे पहलेझारखण्ड

पीएफ-ईएसआई, अवकाश और सेवा सुरक्षा से वंचित 1000 से अधिक श्रमिक! श्रम अधीक्षक कार्यालय की कार्रवाई से कंपनी पर बढ़ा दबाव

श्रम विभाग की नोटिस के बाद मेटाफेब इंडस्ट्रीज पर उठे गंभीर सवाल, मजदूरों की शिकायतों की जांच को पहुंचे अधिकारी

आदित्यपुर/सरायकेला : आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित मेटाफेब इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड एक बार फिर श्रमिक अधिकारों को लेकर विवादों में घिर गई है। मजदूरों की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए सरायकेला-खरसावां जिला श्रम अधीक्षक कार्यालय ने कंपनी प्रबंधन को लगातार दो नोटिस जारी किए हैं। इसके बावजूद निर्धारित तिथि पर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद शुक्रवार को श्रम विभाग के कर्मी कंपनी में जांच के लिए पहुंचे। श्रम अधीक्षक कार्यालय द्वारा 9 अप्रैल 2026 को जारी प्रथम नोटिस में कंपनी प्रबंधन को कर्मचारी राहुल महतो को बिना सूचना नौकरी से हटाए जाने की शिकायत पर 28 अप्रैल को उपस्थित होकर जवाब देने का निर्देश दिया गया था। बाद में राहुल महतो को बिना सूचना सेवा से हटाने की शिकायत पर जांच प्रक्रिया शुरू की गई। श्रम विभाग के अभिलेखों के अनुसार कंपनी द्वारा निर्धारित तिथियों पर अपेक्षित जवाब नहीं दिए जाने के कारण पुनः नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया। शुक्रवार शाम करीब पांच बजे श्रम विभाग के दो कर्मी कंपनी परिसर पहुंचे और कुछ मजदूरों से बातचीत कर प्रारंभिक जांच की। हालांकि कंपनी के आसपास मौजूद श्रमिकों ने आरोप लगाया कि उनकी नियमित छुट्टी का समय शाम छह बजे है लेकिन जांच टीम के पहुंचने की सूचना मिलते ही उन्हें एक घंटे पहले ही घर भेज दिया गया। मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। श्रमिकों का कहना है कि कंपनी में 1000 से अधिक मजदूर कार्यरत हैं लेकिन अधिकांश कर्मियों को भविष्य निधि (पीएफ) और कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) जैसी वैधानिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। मजदूरों का यह भी आरोप है कि उन्हें न्यूनतम मानकों से कम मजदूरी दी जाती है नियुक्ति से संबंधित कोई लिखित दस्तावेज या पहचान पत्र नहीं दिया गया है तथा पूरे महीने लगातार काम कराने के बावजूद नियमित साप्ताहिक अवकाश तक नहीं मिलता। श्रमिकों का कहना है कि सेवा सुरक्षा के अभाव में किसी भी दिन नौकरी से निकाल दिए जाने का भय बना रहता है। वहीं श्रम विभाग द्वारा जारी नोटिस और जांच प्रक्रिया के बाद अब मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। श्रमिकों को उम्मीद है कि विभागीय जांच के माध्यम से उनकी समस्याओं का समाधान होगा और यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो कंपनी प्रबंधन के विरुद्ध श्रम कानूनों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल श्रम विभाग जांच प्रक्रिया में जुटा हुआ है जबकि कंपनी प्रबंधन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में जांच रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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