गुमला के कटकाही में पुलिस पिकेट की मांग: विधानसभा में गूंजा ग्रामीणों की सुरक्षा का मुद्दा
मंत्री ने स्वीकार किया कि कटकाही की दूरी डुमरी और चैनपुर थाने से लगभग 10 किलोमीटर है।
चैनपुर/गुमला-: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान गुमला विधायक भूषण तिर्की ने ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए चैनपुर अनुमंडल के कटकाही गांव में पुलिस पिकेट निर्माण की मांग को प्रमुखता से उठाया। विधायक ने सदन को अवगत कराया कि सुरक्षा के अभाव में क्षेत्र के ग्रामीणों को न केवल असुरक्षा का डर सताता है, बल्कि छोटी-मोटी कानूनी प्रक्रियाओं के लिए भी मीलों का सफर तय करना पड़ता है।
सदन में बोलते हुए विधायक भूषण तिर्की ने कहा कि कटकाही और आसपास की तीन-चार पंचायतों के लोग सिसई के पुसो थाना और रायडीह के सुरसाग थाना की तर्ज पर अपने क्षेत्र में भी पुलिस पिकेट चाहते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि वर्तमान में ग्रामीणों को किसी भी छोटी घटना की रिपोर्ट लिखवाने के लिए 10 से 15 किलोमीटर दूर चैनपुर अनुमंडल मुख्यालय जाना पड़ता है। यह क्षेत्र भौगोलिक रूप से काफी दुर्गम है जिससे आपात स्थिति में पुलिस सहायता मिलने में देरी होती है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि जब रायडीह प्रखंड में हर दो पंचायत पर एक थाना हो सकता है, तो कटकाही की उपेक्षा क्यों?
विधायक के सवालों का जवाब देते हुए सरकार की ओर से मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सदन को बताया कि पुलिस मुख्यालय रांची द्वारा इस संबंध में प्रारंभिक रिपोर्ट प्राप्त हुई है। मंत्री ने स्वीकार किया कि कटकाही की दूरी डुमरी और चैनपुर थाने से लगभग 10 किलोमीटर है।
मंत्री ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा की पिकेट निर्माण के लिए सुरक्षा बलों की उपलब्धता, जमीन का चिह्नीकरण और वित्तीय प्रबंधन जैसे कई तकनीकी पहलुओं की समीक्षा की आवश्यकता होती है। सरकार इस मामले पर गंभीर है और समीक्षा के उपरांत जल्द ही सकारात्मक कदम उठाएगी।विधानसभा में इस मुद्दे के उठने और सरकार द्वारा सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद चैनपुर अनुमंडल के ग्रामीणों में हर्ष का माहौल है। लंबे समय से इस क्षेत्र के लोग एक स्थानीय पुलिस पिकेट की मांग कर रहे थे ताकि अपराधों पर लगाम लग सके और उन्हें छोटी-छोटी शिकायतों के लिए चैनपुर की दौड़ न लगानी पड़े।