मनीष कुमार की पुनः ITDA प्रतिनियुक्ति पर रोक की मांग, अब जिला प्रशासन के निर्णय पर टिकी नजर
जिला परिषद सदस्य ने मनीष कुमार की संपत्ति की जांच के साथ उनके कार्यकाल में क्रियान्वित योजनाओं का भौतिक एवं वित्तीय सत्यापन कराने का भी आग्रह किया है।

लातेहार। जिला परिषद सदस्य विनोद उरांव द्वारा लघु सिंचाई विभाग के कनीय अभियंता मनीष कुमार की ITDA में पुनः प्रतिनियुक्ति नहीं करने तथा उनके पूर्व कार्यकाल में संचालित योजनाओं की जांच की मांग को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब इस मामले में जिला प्रशासन के स्तर से होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी है।
विनोद उरांव ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि मनीष कुमार की ITDA में प्रतिनियुक्ति के दौरान बारियातू, हेरहंज एवं चंदवा प्रखंडों में कल्याण विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने कुछ योजनाओं में बिना कार्य कराए तथा पुराने कार्यों को दर्शाकर राशि की निकासी किए जाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।जिला परिषद सदस्य ने मनीष कुमार की संपत्ति की जांच के साथ उनके कार्यकाल में क्रियान्वित योजनाओं का भौतिक एवं वित्तीय सत्यापन कराने का भी आग्रह किया है।
साथ ही उनकी ITDA में दोबारा प्रतिनियुक्ति नहीं करने की मांग रखी गई है। अब देखना यह है कि आवेदन में लगाए गए आरोपों को लेकर जिला प्रशासन किस स्तर पर जांच कराता है और क्या संबंधित विभाग से अभिलेख एवं योजनाओं की जानकारी मंगाई जाती है। यदि प्रशासन जांच का निर्णय लेता है तो योजनाओं की वास्तविक स्थिति, कार्य की गुणवत्ता एवं राशि के उपयोग की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। वहीं, पुनः प्रतिनियुक्ति को लेकर भी प्रशासन का निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।फिलहाल जिला परिषद सदस्य के आवेदन के बाद मामले में प्रशासनिक निर्णय का इंतजार है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।