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विकास योजनाओं में ढिलाई पर उपायुक्त सख्त, लापरवाह संवेदकों पर कार्रवाई और ब्लैकलिस्टिंग के निर्देश

रिपोर्ट: MANISH 19 घंटे पहलेझारखण्ड

अनाबद्ध निधि योजनाओं की समीक्षा में फूटा प्रशासनिक गुस्सा, गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता : उपायुक्त

विकास योजनाओं में ढिलाई पर उपायुक्त सख्त, लापरवाह संवेदकों पर कार्रवाई और ब्लैकलिस्टिंग के निर्देश

सरायकेला-खरसावाँ : जिले में अनाबद्ध निधि से संचालित विकास योजनाओं में हो रही देरी और अनियमितताओं को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में स्पष्ट संकेत दिया गया कि अब विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में उपायुक्त का सख्त रवैया विशेष रूप से लापरवाह संवेदकों के खिलाफ देखने को मिला। समीक्षा बैठक में वर्ष 2022 से 2024 के बीच स्वीकृत योजनाओं की विभागवार स्थिति की गहन समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जो योजनाएं अब तक लंबित हैं उन्हें प्राथमिकता के आधार पर इसी माह पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि अनावश्यक विलंब न केवल प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है बल्कि आम जनता के अधिकारों का भी हनन करता है। उपायुक्त ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर संवेदकों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सभी विकास और निर्माण कार्य तकनीकी मानकों, सुरक्षा प्रावधानों और पारदर्शिता के अनुरूप ही किए जाएं। किसी भी स्तर पर घटिया सामग्री, अधूरा कार्य या कागजी प्रगति दिखाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित स्थल निरीक्षण कर भौतिक प्रगति का सत्यापन करने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जिन संवेदकों द्वारा अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन किया गया है या कार्य में अनावश्यक देरी की जा रही है, उन्हें चिन्हित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे संवेदकों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। यह संदेश साफ था कि विकास कार्यों में लापरवाही अब सीधे कार्रवाई को आमंत्रित करेगी। उपायुक्त ने सभी कार्यकारी एजेंसियों और संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी विकास है। उन्होंने कहा कि अनाबद्ध निधि की योजनाएं आम जनता की उम्मीदों से जुड़ी हैं और यदि इन योजनाओं में देरी या भ्रष्टाचार हुआ तो इसकी जिम्मेदारी तय होगी। बैठक में निदेशक डीआरडीए अजय तिर्की, जिला योजना पदाधिकारी सोनी कुमारी, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता और विभिन्न कार्यकारी एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। उपायुक्त के सख्त तेवरों से यह स्पष्ट हो गया है कि जिले में विकास योजनाओं को लेकर अब जवाबदेही तय होगी और लापरवाह संवेदकों पर शिकंजा कसना तय है।

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