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नवरात्रि पर डुमरी में दिखी श्रद्धा और भक्ति, कलश यात्रा में सरना धाम अनाथ आश्रम के बच्चे भी हुए शामिल

रिपोर्ट: VBN News Desk7 घंटे पहलेझारखण्ड

बासा नदी में विधिवत कराया गया संकल्प और पूजन

नवरात्रि पर डुमरी में दिखी श्रद्धा और भक्ति, कलश यात्रा में सरना धाम अनाथ आश्रम के बच्चे भी हुए शामिल

Bhim Kumar

डुमरी (गुमला)। शारदीय नवरात्रि के शुभ अवसर पर रविवार को डुमरी प्रखंड में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। श्री दुर्गा मंदिर से बासा नदी तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसमें डुमरी की बड़ी संख्या में माताएं और बहनें शामिल हुईं। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ कलश यात्रा में भाग लिया। इस दौरान जय श्रीराम और माता रानी के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।

कलश यात्रा में शामिल महिलाएं लोटा, पैसा, अक्षत, फूल और आम के पल्लव लेकर पहुंचीं। धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ निकली इस यात्रा में श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था। श्री दुर्गा मंदिर से शुरू हुई कलश यात्रा निर्धारित मार्ग से होते हुए बासा नदी पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया गया।

बासा नदी में विधिवत कराया गया संकल्प और पूजन

बासा नदी पहुंचने के बाद शेखर पांडे ने श्रद्धालुओं को विधिवत संकल्प कराया। इसके बाद पूजा-अर्चना की गई। धार्मिक परंपराओं के अनुसार आयोजित इस अनुष्ठान में महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया और माता रानी से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा।

कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालु जय श्रीराम और माता रानी की जय के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। इन जयकारों से वातावरण गूंज उठा। नवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम ने डुमरी में भक्ति और उत्साह का माहौल बना दिया।

राम कथा और झांकी कार्यक्रम को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह

इस धार्मिक आयोजन में सरना धाम अनाथ आश्रम के बच्चे भी शामिल हुए। जानकारी के अनुसार, रविवार से ही डुमरी प्रखंड में राम कथा और झांकी कार्यक्रम का आयोजन शुरू होना है। इसे लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह देखा जा रहा है। राम कथा और झांकी के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और मर्यादा से जुड़ी धार्मिक प्रसंगों को प्रस्तुत किया जाएगा।

नवरात्रि के पावन अवसर पर कलश यात्रा के साथ राम कथा और झांकी कार्यक्रम का आयोजन क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियों को विशेष स्वरूप प्रदान कर रहा है। इससे श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक प्रसंगों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

आस्था और परंपरा का प्रतीक बनी कलश यात्रा

नवरात्रि के दौरान कलश यात्रा को शुभता, श्रद्धा और धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है। डुमरी में निकाली गई इस यात्रा में महिलाओं की भागीदारी ने आयोजन को विशेष बना दिया। कलश यात्रा के माध्यम से श्रद्धालुओं ने माता रानी के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।

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