खरीफ सीजन में सरकारी बीज का इंतजार, महंगे दाम पर निजी दुकानों से खरीदने को मजबूर किसान
बरवाडीह में बीज और डीएपी की कालाबाजारी के आरोप, किसानों ने जांच व तत्काल आपूर्ति की उठाई मांग

बरवाडीह, लातेहार : खरीफ फसलों की बुवाई का समय शुरू होने के बावजूद बरवाडीह प्रखंड में किसानों को अब तक सरकारी बीज उपलब्ध नहीं हो सका है। 6 जुलाई तक प्रखंड मुख्यालय में सरकारी खाद्य एवं बीज का वितरण शुरू नहीं होने से किसानों में भारी नाराजगी है। किसानों का कहना है कि समय पर सरकारी बीज नहीं मिलने के कारण उन्हें निजी दुकानों से अधिक कीमत पर बीज खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। जानकारी के अनुसार बरवाडीह बाजार, कुटमू, पोखरी कला, बेतला, छेचा सहित विभिन्न क्षेत्रों में मक्का, धान, अरहर समेत अन्य खरीफ फसलों के बीज खुलेआम ऊंचे दामों पर बेचे जा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि सरकारी व्यवस्था की सुस्ती का फायदा उठाकर निजी विक्रेता मनमाने दाम वसूल रहे हैं। यदि जल्द सरकारी बीज उपलब्ध नहीं कराया गया तो खरीफ खेती प्रभावित होने की आशंका है। राजद प्रखंड अध्यक्ष आदित्य यादव ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि खरीफ सीजन के सबसे महत्वपूर्ण समय में किसानों को सरकारी बीज उपलब्ध नहीं होना कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग से तत्काल सरकारी बीज उपलब्ध कराने तथा निजी दुकानों में बीज की कीमतों की जांच कराने की मांग की। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि डीएपी खाद खुले बाजार में करीब 50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेची जा रही है जो जांच का विषय है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते कार्रवाई नहीं करता है तो किसानों का आर्थिक शोषण और बढ़ेगा। ग्रामीणों एवं किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सरकारी बीज की शीघ्र आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, निजी दुकानों में बीज एवं उर्वरकों की बिक्री दर की जांच कर दोषी विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए ताकि किसानों को राहत मिल सके और खरीफ सीजन की खेती समय पर पूरी हो सके।