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डीएवी नंदराज में नन्हें कदमों की पहली उड़ान, यज्ञ के साथ शिशु वर्ग का स्वागत

रिपोर्ट: VBN News Desk3 घंटे पहलेझारखण्ड

अभिभावकों को दी गई संस्कार, अनुशासन व स्कूल गतिविधियों की विस्तृत जानकारी

डीएवी नंदराज में नन्हें कदमों की पहली उड़ान, यज्ञ के साथ शिशु वर्ग का स्वागत

रांची: डीएवी नंदराज पब्लिक स्कूल, बरियातू में मंगलवार को शिशु वर्ग के बच्चों का स्वागत पारंपरिक और उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। इस अवसर पर बच्चों को उनके अभिभावकों के साथ विद्यालय आमंत्रित किया गया, जहां कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकालीन यज्ञशाला में विधिवत यज्ञ के साथ हुई। पूरे परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार से वातावरण आध्यात्मिक और सकारात्मक बना रहा।

यज्ञ के दौरान अभिभावकों को बच्चों के सर्वांगीण विकास में संस्कारों की अहम भूमिका के बारे में बताया गया। उन्हें यह भी समझाया गया कि बच्चों को केवल शैक्षणिक रूप से नहीं, बल्कि नैतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ाना आवश्यक है। अभिभावकों से अपील की गई कि वे बच्चों को सुबह घर से निकलते समय और रात में सोते समय नमस्ते करने, बड़ों का सम्मान करने तथा अनुशासन में रहने की आदत अवश्य सिखाएं। इस दौरान अभिभावकों ने अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए आयु, विद्या, यश और बल की कामना की।

इसके बाद ‘गूंज’ कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों और अभिभावकों को विद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से अवगत कराया गया। शिक्षकों ने स्किल आधारित शिक्षा, खेलकूद, संगीत, कला और अन्य गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। इसी क्रम में म्यूजिक रूम में छोटे-छोटे बच्चों द्वारा गिटार और अन्य वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहा, जिसे देखकर अभिभावक काफी उत्साहित हुए।

विद्यालय प्रबंधन की ओर से अभिभावकों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी दिए गए। इसमें स्कूल डायरी को सही ढंग से भरने, एस्कॉर्ट कार्ड फॉर्म जमा करने, बच्चों को नियमित यूनिफॉर्म में भेजने, समय-सारिणी का पालन करने और प्रतिदिन डायरी व कॉपियों की जांच कर हस्ताक्षर करने की बात कही गई। बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पौष्टिक और शाकाहारी भोजन भेजने, पानी की बोतल और रूमाल पर नाम अंकित करने तथा महंगी वस्तुएं स्कूल न भेजने की सलाह दी गई।

इसके अलावा, विद्यालय की ओर से ऑनलाइन शुल्क भुगतान की प्रक्रिया, उपस्थिति से जुड़े नियम और अवकाश संबंधी जानकारी भी साझा की गई। अभिभावकों को बताया गया कि तीन दिन से अधिक अनुपस्थिति होने पर आवेदन देना अनिवार्य है। प्रत्येक शुक्रवार को गतिविधि दिवस के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें बच्चे रंगीन पोशाक में विद्यालय आएंगे।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया। प्राचार्य डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने कहा कि अभिभावकों का विश्वास विद्यालय की सबसे बड़ी ताकत है और शिक्षक बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे महीने में कम से कम एक बार विद्यालय आकर शिक्षकों से संवाद करें, जिससे बच्चों की प्रगति में सकारात्मक बदलाव आएगा।

कार्यक्रम में शिक्षकों की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही। पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में विद्यालय परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अंत में शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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