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सुवर्णरेखा नदी में सैकड़ों मछलियों की रहस्यमयी मौत, प्रदूषण पर उठे सवाल

रिपोर्ट: VBN News Desk3 घंटे पहलेझारखण्ड

भुइंयाडीह इलाके में नदी तट पर मिली मरी मछलियों की बड़ी संख्या; जल प्रदूषण और ऑक्सीजन की कमी को वजह बताया जा रहा है

सुवर्णरेखा नदी में सैकड़ों मछलियों की रहस्यमयी मौत, प्रदूषण पर उठे सवाल

जमशेदपुर। सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के भुइंयाडीह स्थित लाल भट्ट इलाके में सुवर्णरेखा नदी के किनारे बुधवार सुबह एक चौंकाने वाला दृश्य देखने को मिला। नदी तट पर सैकड़ों मछलियां मृत अवस्था में पाई गईं। सुबह टहलने या दैनिक कार्यों के लिए आए लोग इस दृश्य को देखकर हैरान रह गए और तुरंत इसकी जानकारी आसपास के लोगों को दी।

स्थानीय निवासी सुखदेव भुईयां, संजय प्रसाद और दुग्रेश सिंह ने बताया कि मृत मछलियों की संख्या काफी अधिक है और इसका अनुमान चार क्विंटल से भी ज्यादा लगाया जा रहा है। नदी किनारे पाई गई मछलियों का आकार भी भिन्न-भिन्न था—कुछ मछलियां लगभग 250 ग्राम की थीं, जबकि बड़ी मछलियों का वजन डेढ़ किलोग्राम तक था। स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि नदी के अंदर और भी मछलियां मरी हुई हो सकती हैं, जो सतह पर नहीं आई हैं।

इस घटना ने सुवर्णरेखा नदी में बढ़ते प्रदूषण के मुद्दे को फिर से उजागर कर दिया है। रांची से निकलने वाली यह नदी पहले से ही औद्योगिक और शहरी अपशिष्ट से प्रभावित रही है। चांडिल डैम से छोड़ा गया पानी और आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाला रासायनिक और अपशिष्ट जल नदी में मिलकर जल गुणवत्ता को लगातार बिगाड़ रहा है।

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि मछलियों की इतनी बड़ी संख्या में मौत का मुख्य कारण पानी में घुलित ऑक्सीजन की कमी हो सकती है, जो अत्यधिक प्रदूषण और जल प्रवाह में कमी के कारण होती है। इसके अलावा, अगर पानी में जहरीले रसायनों का मिश्रण हुआ है तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि ऐसी मछलियों का सेवन मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है, जिससे फूड पॉइजनिंग या अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।

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